बीकानेर। जिले के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत संविदा शिक्षक को आपत्तिजनक आचरण के आरोप साबित होने के बाद सेवा से हटा दिया गया। महिला शिक्षक की ओर से की गई शिकायत की विभागीय जांच में कार्मिक के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहने और गलत इशारा करने के आरोप प्रमाणित पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
मामला जिले के ग्रामीण क्षेत्र स्थित एक राजकीय विद्यालय से जुड़ा है। संबंधित कार्मिक विद्यालय सहायक के पद पर संविदा के आधार पर कार्यरत था। उसके खिलाफ महिला शिक्षक की ओर से शिकायत प्राप्त होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और उच्च अधिकारियों के स्तर पर जांच कराने के निर्देश दिए।
शिकायत के बाद कराई गई विभागीय जांच
शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से मामले की जांच संभाग स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई। संबंधित पक्षों के बयान लेने के साथ उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों की भी जांच की गई।
विभागीय जांच में सामने आया कि संबंधित कार्मिक ने महिला शिक्षक की ओर शारीरिक संपर्क करने का इशारा करते हुए आपत्तिजनक बातें कही थीं। इसके साथ ही उस पर अश्लील हरकत करने के आरोप भी लगाए गए थे। जांच अधिकारी ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को प्रमाणित माना और संबंधित कार्मिक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की।
सदाचरण का पालन नहीं करने पर लिया फैसला
शिक्षा विभाग के आदेश में संविदा कार्मिकों के आचरण से संबंधित नियमों का भी उल्लेख किया गया है। राजस्थान सिविल पदों पर संविदा पर रखे जाने संबंधी नियमों के तहत संविदा कार्मिक के लिए सामान्य संतोषप्रद आचरण और सदाचरण का पालन करना अनिवार्य है। विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद अधिकारियों ने माना कि संबंधित कार्मिक ने सदाचरण से जुड़े प्रावधानों का पालन नहीं किया। ऐसे में उसे संविदा पद पर बनाए रखना उचित नहीं माना गया।
तत्काल प्रभाव से खत्म की संविदा सेवा
जांच रिपोर्ट और उच्च अधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से आदेश जारी किया गया। आदेश में संबंधित विद्यालय सहायक का सेवा करार तत्काल प्रभाव से प्रत्याहरित करते हुए उसकी संविदा सेवा समाप्त कर दी गई।
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शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी स्कूलों में अनुशासन और कार्यस्थल पर मर्यादित आचरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्मिकों से निर्धारित आचरण और सदाचरण नियमों का पालन अपेक्षित है। नियमों के उल्लंघन और जांच में आरोप प्रमाणित होने की स्थिति में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।

