चंदौली जिले से गुजरने वाली गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यह चेतावनी बिंदु पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। अभी गंगा नदी का जलस्तर 70.66 मीटर है और यह एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 60 सेंटीमीटर नीचे है। पानी के तेजी से बढ़ने के बाद नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों में डर का माहौल है। लोगों को आशंका है कि गंगा नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है। चंदौली जनपद के पीडीडीयू नगर और सकलडीहा तहसील क्षेत्र के 40 से ज्यादा गांव गंगा नदी के किनारे बसे हैं। ऐसे में गंगा नदी में बाढ़ आने पर इन गांवों के लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। खासकर पशुओं के चारे, फसलों को नुकसान और कटान की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का पानी खेतों की तरफ बढ़ रहा है। इससे किसानों की फसलें खराब हो सकती हैं। साथ ही पशुओं के लिए लगाए गए चारे भी बर्बाद हो जाएंगे। पूरा विजयी गांव के राजेश और कोहड़ा के सोनू सिंह ने बताया कि अगर ऐसे ही पानी बढ़ता रहा तो कई गांवों की फसल बर्बाद हो जाएगी। एडीएम राजेश कुमार ने बताया कि वे गंगा नदी में संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क हैं। बाढ़ चौकियां और एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं। इसके अलावा, तहसीलों के अधिकारी लगातार गंगा नदी के किनारे के इलाकों का दौरा कर लोगों से बात कर रहे हैं।

