सड़क हादसे में घायल हुए तो पैसों की चिंता नहीं:खंडवा में 29 प्राइवेट अस्पताल अधिकृत; डेढ़ लाख रुपए तक कैशलेस इलाज

सड़क हादसे में घायल हुए तो पैसों की चिंता नहीं:खंडवा में 29 प्राइवेट अस्पताल अधिकृत; डेढ़ लाख रुपए तक कैशलेस इलाज

खंडवा में सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था में लगने वाला समय अब जानलेवा न बने, इसके लिए केंद्र सरकार ने सड़क हादसा पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा शुरू की है। पीएम राहत योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपए का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य हादसे के बाद के गोल्डन ऑवर यानी शुरुआती एक घंटे में घायल को तत्काल इलाज दिलाना है। इलाज के लिए पैसे जुटाने में समय नहीं गंवाना होगा हादसे के बाद कई बार परिजन अस्पताल में इलाज शुरू कराने से पहले पैसों की व्यवस्था करने में लग जाते हैं। इस वजह से घायल को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। योजना के तहत आर्थिक परेशानी इलाज में बाधा नहीं बनेगी। हादसे के बाद घायल को जल्द से जल्द नजदीकी अधिकृत अस्पताल पहुंचाना जरूरी होगा। सरकारी के साथ चिन्हित निजी अस्पतालों में भी सुविधा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी जुगतावत ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को शासकीय अस्पतालों के अलावा योजना के तहत चिन्हित निजी अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार मिलेगा। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद घायल को बिना देरी किए नजदीकी अधिकृत अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि उपचार समय पर शुरू हो सके। खंडवा में इन निजी अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज खंडवा जिले में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध चिन्हित निजी अस्पतालों को सड़क दुर्घटना के घायलों के कैशलेस उपचार के लिए अधिकृत किया गया है। इनमें श्रीमाली हॉस्पिटल, जिनाली आई हॉस्पिटल, सैनी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, आनंदम हॉस्पिटल, लक्ष्य हॉस्पिटल गुड़ी, श्री हेल्थ केयर, के.के. हॉस्पिटल, चरक हॉस्पिटल, मिश्रा हॉस्पिटल, श्री नाथ जी हॉस्पिटल, सोनी हॉस्पिटल, प्रकाश हॉस्पिटल, गुर्जर हॉस्पिटल, जेजे हॉस्पिटल, शुभम हॉस्पिटल, रिचर्ड पेंपुरी हॉस्पिटल और नवोदय हॉस्पिटल शामिल हैं। इसके अलावा श्री साईं केयर हॉस्पिटल बोरगांव बुजुर्ग, न्यू लाइफ हॉस्पिटल, स्वर्णिम आई केयर एंड चिल्ड्रन हॉस्पिटल, नर्मदा हॉस्पिटल, लाइफलाइन हॉस्पिटल, गार्गी लाइफ केयर हॉस्पिटल सिंगोट, साइंवान हॉस्पिटल, श्री दादाजी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, ईप्सा एंडोस्कोपी एवं लेजर सर्जिकल सेंटर, अत्रिवाल हॉस्पिटल, हिंदूजा हॉस्पिटल, जैन नर्सिंग होम और शुभम हॉस्पिटल भी अधिकृत सूची में हैं। हादसे के बाद सबसे पहले घायल को अस्पताल पहुंचाएं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति मिलने पर सबसे पहले एम्बुलेंस या नजदीकी अस्पताल की मदद से उसे चिकित्सा केंद्र पहुंचाना चाहिए। शुरुआती एक घंटे में इलाज मिलने से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। परिजनों को इलाज के लिए तत्काल रुपए जुटाने में समय गंवाने के बजाय घायल को योजना के तहत अधिकृत अस्पताल पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।

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