खगड़िया, परबत्ता और गोगरी में गंगा और गंडक नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। करीब एक हफ्ते तक जलस्तर घटने के बाद बुधवार से अचानक दोनों नदियों का पानी बढ़ा है। इसका असर जिले के निचले इलाकों में दिखना शुरू हो गया है। परबत्ता की तेमथा करारी पंचायत के दो-तीन वार्डों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं, रामपुर, बोरना, इटहरी, बन्नी, शारदा नगर उसरी, इमादपुर बिंद टोली और कटघरा के निचले इलाकों में भी पानी फैलने लगा है। परबत्ता में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने एसडीओ संजय कुमार, बीडीओ संतोष कुमार और सीओ हरीनाथ राम प्रभावित इलाकों में पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात कर हालात की जानकारी ली। हाईस्कूल और मध्य विद्यालय बाढ़ के पानी से घिरे एसडीओ ने लोगों से बाढ़ के पानी में बेवजह न जाने और सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन की तरफ से नाव, सामुदायिक रसोई और मेडिकल सुविधा दी जाएगी। नयागांव गौरियासी में हाईस्कूल और मध्य विद्यालय बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे छात्रों और शिक्षकों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से रामपुर और बोरना पंचायत के निचले हिस्सों में भी पानी पहुंच रहा है। रामपुर के सरपंच नूर आलम ने बताया कि गांव के निचले हिस्सों में पानी फैल रहा है। अगर जलस्तर बढ़ता रहा, तो अगले दो-तीन दिनों में रामपुर, बोरना समेत आसपास की कई पंचायतें फिर से बाढ़ की चपेट में आ सकती हैं। निचले इलाकों के लोग अलर्ट गोगरी नगर परिषद क्षेत्र के शारदा नगर में भी पानी फैलने लगा है। इससे लोगों में दोबारा बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। कई परिवार अपना जरूरी सामान सुरक्षित जगहों पर ले जाने में जुट गए हैं। बोरना, इमादपुर, बिंद टोली, कटघरा, बन्नी, शारदा नगर उसरी, इटहरी और रामपुर समेत दूसरे निचले इलाकों के लोग भी सतर्क हो गए हैं। गोगरी के सीओ आमिर हुसैन ने बताया कि संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, गोगरी एसडीओ ने बताया कि अभी विस्थापन की स्थिति नहीं है। जरूरत पड़ने पर राहत शिविर तैयार रखे गए हैं।
12 घंटे में गंगा और बूढ़ी गंडक 21-21 सेमी बढ़ी गुरुवार शाम छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार बागमती का जलस्तर 36.89 मीटर रहा, जिसमें पिछले 12 घंटे में छह सेमी की वृद्धि हुई। कोसी 35.04 मीटर पर स्थिर रही। बूढ़ी गंडक 37.25 मीटर पर पहुंच गई है और इसमें 21 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं गंगा का जलस्तर 35.29 मीटर हो गया है, जिसमें 12 घंटे में 21 सेमी की वृद्धि हुई है। चौथम में बागमती के बढ़ते जलस्तर से फसल प्रभावित हुई है। वहीं दियारा क्षेत्र में पशुपालकों के सामने चारे की समस्या भी बढ़ने लगी है। प्रशासन के अनुसार जिले के सभी तटबंध और संबंधित संरचनाएं सुरक्षित हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए परबत्ता में 11, गोगरी में 8, बेलदौर में 2 और सदर क्षेत्र में 3 नावें चल रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर और प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार राहत और बचाव की व्यवस्था बढ़ाई जाएगी। खगड़िया, परबत्ता और गोगरी में गंगा और गंडक नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। करीब एक हफ्ते तक जलस्तर घटने के बाद बुधवार से अचानक दोनों नदियों का पानी बढ़ा है। इसका असर जिले के निचले इलाकों में दिखना शुरू हो गया है। परबत्ता की तेमथा करारी पंचायत के दो-तीन वार्डों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं, रामपुर, बोरना, इटहरी, बन्नी, शारदा नगर उसरी, इमादपुर बिंद टोली और कटघरा के निचले इलाकों में भी पानी फैलने लगा है। परबत्ता में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने एसडीओ संजय कुमार, बीडीओ संतोष कुमार और सीओ हरीनाथ राम प्रभावित इलाकों में पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात कर हालात की जानकारी ली। हाईस्कूल और मध्य विद्यालय बाढ़ के पानी से घिरे एसडीओ ने लोगों से बाढ़ के पानी में बेवजह न जाने और सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन की तरफ से नाव, सामुदायिक रसोई और मेडिकल सुविधा दी जाएगी। नयागांव गौरियासी में हाईस्कूल और मध्य विद्यालय बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे छात्रों और शिक्षकों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से रामपुर और बोरना पंचायत के निचले हिस्सों में भी पानी पहुंच रहा है। रामपुर के सरपंच नूर आलम ने बताया कि गांव के निचले हिस्सों में पानी फैल रहा है। अगर जलस्तर बढ़ता रहा, तो अगले दो-तीन दिनों में रामपुर, बोरना समेत आसपास की कई पंचायतें फिर से बाढ़ की चपेट में आ सकती हैं। निचले इलाकों के लोग अलर्ट गोगरी नगर परिषद क्षेत्र के शारदा नगर में भी पानी फैलने लगा है। इससे लोगों में दोबारा बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। कई परिवार अपना जरूरी सामान सुरक्षित जगहों पर ले जाने में जुट गए हैं। बोरना, इमादपुर, बिंद टोली, कटघरा, बन्नी, शारदा नगर उसरी, इटहरी और रामपुर समेत दूसरे निचले इलाकों के लोग भी सतर्क हो गए हैं। गोगरी के सीओ आमिर हुसैन ने बताया कि संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, गोगरी एसडीओ ने बताया कि अभी विस्थापन की स्थिति नहीं है। जरूरत पड़ने पर राहत शिविर तैयार रखे गए हैं।
12 घंटे में गंगा और बूढ़ी गंडक 21-21 सेमी बढ़ी गुरुवार शाम छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार बागमती का जलस्तर 36.89 मीटर रहा, जिसमें पिछले 12 घंटे में छह सेमी की वृद्धि हुई। कोसी 35.04 मीटर पर स्थिर रही। बूढ़ी गंडक 37.25 मीटर पर पहुंच गई है और इसमें 21 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं गंगा का जलस्तर 35.29 मीटर हो गया है, जिसमें 12 घंटे में 21 सेमी की वृद्धि हुई है। चौथम में बागमती के बढ़ते जलस्तर से फसल प्रभावित हुई है। वहीं दियारा क्षेत्र में पशुपालकों के सामने चारे की समस्या भी बढ़ने लगी है। प्रशासन के अनुसार जिले के सभी तटबंध और संबंधित संरचनाएं सुरक्षित हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए परबत्ता में 11, गोगरी में 8, बेलदौर में 2 और सदर क्षेत्र में 3 नावें चल रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर और प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार राहत और बचाव की व्यवस्था बढ़ाई जाएगी।

