भिंड जिले में पिछले दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश के चलते 24 घंटे से ज्यादा समय से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भिंड, गोहद और लहार में कई इलाके पानी में डूब गए हैं। सड़कें तालाब बन गईं और निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से नाराज गोहद क्षेत्र के लोगों ने बारिश के पानी में बैठकर प्रदर्शन किया। भिंड में घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
भिंड शहर की पुरानी बस्ती, राज होली, डॉक्टर लाइन, ऊषा कॉलोनी, ऑफिसर कॉलोनी, रतनपुरा समेत कई इलाकों में जलभराव है। कई जगह पानी घरों तक पहुंच गया। कुछ बेसमेंट में भी पानी भरने के बाद उन्हें खाली कराया गया। लोगों को पानी के बीच से होकर आवाजाही करनी पड़ी। गोहद में पानी में बैठकर प्रदर्शन
गोहद क्षेत्र में जल निकासी के उचित इंतजाम नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों और मोहल्लों में जमा हो गया। इससे नाराज कांग्रेस नेता पिंकी उंचाहरिया समेत क्षेत्रीय लोग बारिश के पानी में बैठ गए और विरोध दर्ज कराया। लोगों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की। मुख्य सड़कों पर पानी, आवाजाही प्रभावित गोहद में चौरा बरसा रोड, ऑफिसर कॉलोनी और मुख्य मेहर मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मोहल्लों में भी पानी जमा रहा। जलभराव के हालात की तस्वीरें…
लहार में मोहल्लों के साथ खेत भी डूबे
लहार में बारिश और नहर के पानी से कई मोहल्लों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सैकड़ों बीघा में बोई गई ज्वार, तिल और बाजरा की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है। भिंड, गोहद और लहार में जलभराव ने नगर निकायों की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालियों की सफाई और पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

