कोरबा। मातीन जंगल से सामने आए एक वीडियो में हथिनी की ममता और समझदारी का अनोखा दृश्य देखने को मिला। वीडियो में एक मां हथिनी अपने नन्हे बच्चे के लिए सूंड और पैरों से रेत हटाकर रास्ता बनाती नजर आ रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, कटघोरा वनमंडल में करीब 50 हाथियों का झुंड घूम रहा था। इसी झुंड की एक हथिनी अपने छोटे बच्चे के साथ बम्हनी नदी की ओर से जंगल के रास्ते आगे बढ़ रही थी। रास्ते में रेत अधिक होने के कारण बच्चे के पैर बार-बार उसमें धंस रहे थे और उसे चलने में परेशानी हो रही थी। पहले मां ने रास्ता आसान किया, फिर बढ़ा बच्चा वीडियो में दिखाई देता है कि बच्चे की परेशानी समझकर हथिनी खुद आगे बढ़ती है। वह अपनी सूंड और पैरों से रेत हटाकर जमीन को समतल करती जाती है। कुछ दूरी तक रास्ता बनाने के बाद वह पीछे मुड़कर बच्चे को देखती है। बच्चा उसी रास्ते पर धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। हथिनी बार-बार रुककर यह भी देखती है कि बच्चा उसके पीछे सुरक्षित आ रहा है या नहीं। इसके बाद वह आगे बढ़कर फिर रास्ते से रेत हटाने लगती है। मां और बच्चे के बीच यह तालमेल जंगल में उनके मजबूत सामाजिक व्यवहार और देखभाल को दिखाता है। हाथियों के व्यवहार का दिखा दूसरा पहलू आमतौर पर हाथियों को लेकर हाथी-मानव संघर्ष, फसल नुकसान या गांवों में दहशत जैसी खबरें सामने आती हैं। लेकिन मातीन जंगल का यह वीडियो उनके व्यवहार का एक अलग पहलू दिखाता है। बच्चे की सुरक्षा को लेकर हथिनी की सतर्कता और उसके लिए रास्ता तैयार करना लोगों का ध्यान खींच रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, झुंड में छोटे बच्चे होने पर मादा हाथी काफी सतर्क रहती है और उन्हें संभावित खतरे से बचाने की कोशिश करती है। बम्हनी नदी के किनारे का यह रेतीला इलाका छोटे हाथियों के लिए मुश्किल हो सकता है। यह दृश्य हाथियों की बुद्धिमत्ता, आपसी तालमेल और मातृत्व भाव का उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी वीडियो को देखकर कहा कि जानवरों में भी अपनी संतानों के प्रति गहरी ममता और सुरक्षा की भावना होती है।

