गंगा के तेज कटाव से राघोपुर तटबंध पर संकट:खगड़िया से भेजे जाएंगे डेढ़ लाख जियो बैग,नदी की बदली धारा से चुनौती; IIT करेगी अध्ययन

गंगा के तेज कटाव से राघोपुर तटबंध पर संकट:खगड़िया से भेजे जाएंगे डेढ़ लाख जियो बैग,नदी की बदली धारा से चुनौती; IIT करेगी अध्ययन

खगड़िया और भागलपुर में गंगा के तेज कटाव से राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध को बचाने के लिए खगड़िया जिले से डेढ़ लाख जियो बैग भेजे जा रहे हैं। कटाव रोकने के लिए खगड़िया के दोनों बाढ़ नियंत्रण प्रमंडलों को बड़ी संख्या में जियो बैग देने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-1 से 50 हजार और प्रमंडल-2 से एक लाख जियो बैग राघोपुर भेजे जा रहे हैं। दोनों प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार सहनी और मनीष कुमार ने इसकी जानकारी दी है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… गंगा के साथ कोसी और बूढ़ी गंडक भी उफान पर इस बीच, खगड़िया में पिछले दो दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। गंगा के साथ-साथ कोसी और बूढ़ी गंडक का जलस्तर भी बढ़ा है। इसे देखते हुए तटबंधों और संवेदनशील जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें हालात पर नजर रख रही हैं। नए विक्रमशिला पुल से बदली गंगा की धारा जल संसाधन विभाग के अनुसार, नए विक्रमशिला पुल के बनने से गंगा की धारा की दिशा बदल गई है। नदी अब बाईं ओर तटबंध की तरफ आ रही है और इसका बहाव भी काफी तेज है। इससे राघोपुर इलाके में कटाव की चुनौती बढ़ गई है। वैज्ञानिक अध्ययन के लिए आईआईटी की टीम की मदद कटाव के वैज्ञानिक कारणों का अध्ययन करने के लिए आईआईटी की टीम की मदद लेने की तैयारी चल रही है। साथ ही, नदी की धारा को मोड़ने के लिए ड्रेजिंग का काम भी शुरू किया गया है। विभाग का प्रयास है कि तेज बहाव के कारण तटबंध पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सके। अधिकारियों ने कटाव स्थल का लिया जायजा कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कटाव वाली जगह का दौरा किया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि कटाव रोकने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। रेलवे लाइन के पास लोगों को सुरक्षित भेजने की तैयारी पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र भी तटबंध पर लगातार कैंप कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को अच्छी क्वालिटी के कटावरोधी काम कराने का निर्देश दिया। मंत्री ने रेलवे लाइन के पास रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर भेजने की तैयारी करने को भी कहा है। विस्थापित परिवारों के लिए जर्मन हैंगर लगाने की भी तैयारी चल रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव के बीच खगड़िया से भेजे जा रहे डेढ़ लाख जियो बैग को राघोपुर तटबंध की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, खगड़िया के निचले इलाकों में पानी फैलने से स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है। खगड़िया और भागलपुर में गंगा के तेज कटाव से राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध को बचाने के लिए खगड़िया जिले से डेढ़ लाख जियो बैग भेजे जा रहे हैं। कटाव रोकने के लिए खगड़िया के दोनों बाढ़ नियंत्रण प्रमंडलों को बड़ी संख्या में जियो बैग देने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-1 से 50 हजार और प्रमंडल-2 से एक लाख जियो बैग राघोपुर भेजे जा रहे हैं। दोनों प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार सहनी और मनीष कुमार ने इसकी जानकारी दी है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… गंगा के साथ कोसी और बूढ़ी गंडक भी उफान पर इस बीच, खगड़िया में पिछले दो दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। गंगा के साथ-साथ कोसी और बूढ़ी गंडक का जलस्तर भी बढ़ा है। इसे देखते हुए तटबंधों और संवेदनशील जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें हालात पर नजर रख रही हैं। नए विक्रमशिला पुल से बदली गंगा की धारा जल संसाधन विभाग के अनुसार, नए विक्रमशिला पुल के बनने से गंगा की धारा की दिशा बदल गई है। नदी अब बाईं ओर तटबंध की तरफ आ रही है और इसका बहाव भी काफी तेज है। इससे राघोपुर इलाके में कटाव की चुनौती बढ़ गई है। वैज्ञानिक अध्ययन के लिए आईआईटी की टीम की मदद कटाव के वैज्ञानिक कारणों का अध्ययन करने के लिए आईआईटी की टीम की मदद लेने की तैयारी चल रही है। साथ ही, नदी की धारा को मोड़ने के लिए ड्रेजिंग का काम भी शुरू किया गया है। विभाग का प्रयास है कि तेज बहाव के कारण तटबंध पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सके। अधिकारियों ने कटाव स्थल का लिया जायजा कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कटाव वाली जगह का दौरा किया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि कटाव रोकने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। रेलवे लाइन के पास लोगों को सुरक्षित भेजने की तैयारी पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र भी तटबंध पर लगातार कैंप कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को अच्छी क्वालिटी के कटावरोधी काम कराने का निर्देश दिया। मंत्री ने रेलवे लाइन के पास रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर भेजने की तैयारी करने को भी कहा है। विस्थापित परिवारों के लिए जर्मन हैंगर लगाने की भी तैयारी चल रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव के बीच खगड़िया से भेजे जा रहे डेढ़ लाख जियो बैग को राघोपुर तटबंध की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, खगड़िया के निचले इलाकों में पानी फैलने से स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है।  

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