समस्तीपुर मुसहरी पर बुलडोजर के विरोध में माले का प्रदर्शन:भूमिहीनों को वासभूमि-आवास देने की मांग; 23 सितंबर से आमरण अनशन की चेतावनी

समस्तीपुर मुसहरी पर बुलडोजर के विरोध में माले का प्रदर्शन:भूमिहीनों को वासभूमि-आवास देने की मांग; 23 सितंबर से आमरण अनशन की चेतावनी

समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड के फतेहपुर वार्ड संख्या-3 स्थित मुसहरी में 25 अगस्त को बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में गुरुवार को भाकपा माले और खेग्रामस के कार्यकर्ताओं ने अनुमंडल कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुसहरी में बसे परिवारों को रैयती पर्चा देने की मांग की। उन्होंने भूमिहीनों को वासभूमि और आवास उपलब्ध कराने, सरकारी जमीन पर बसे गरीब परिवारों को पर्चा देने और दलित-गरीब गांवों में पहुंचपथ की व्यवस्था करने की भी मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 23 सितंबर से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। जुलूस निकालकर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सरकारी बस स्टैंड से जुलूस लेकर निकले। यह जुलूस स्टेडियम गोलंबर, समाहरणालय समेत शहर के कई रास्तों से होते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंचा। अनुमंडल कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट के सामने नारेबाजी की और धरना दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन से अनुमंडल कार्यालय का मुख्य गेट बंद रहा। इससे सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और कुछ देर के लिए ट्रैफिक पर असर पड़ा। भूमाफियाओं के इशारे पर बुलडोजर चलाने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फतेहपुर मुसहरी में भूमाफियाओं के कहने पर गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया। इससे उनके घर उजाड़ दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि वहां गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं और पानी निकासी के रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने ताजपुर अंचलाधिकारी आरती कुमारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। सभा में भूमि और आवास के अधिकार का मुद्दा उठा अनुमंडल कार्यालय परिसर में हुई सभा की अध्यक्षता खेग्रामस के प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की। भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सभा का संचालन किया। सभा को खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, जिला अध्यक्ष उपेन्द्र राय, किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, रंजीता देवी, सुमित्रा देवी, सहदेव सदा, अनिल कुमार सिंह, रामविनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी और शाहिद हुसैन समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी ने गरीबों के भूमि और आवास के अधिकार का मुद्दा उठाया। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से जमीन पर बसे गरीब परिवारों को उजाड़ने के बजाय उन्हें कानूनी अधिकार और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को वासभूमि, आवास और सरकारी जमीन पर बसे गरीबों को पर्चा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही दलित-गरीब बस्तियों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए पहुंचपथ की व्यवस्था करने की भी मांग की गई। पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा सभा के बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर तैनात दंडाधिकारी के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी को पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में मुसहरी के पुस्तैनी निवासियों को रैयती पर्चा देने, भूमिहीनों को वासभूमि एवं आवास उपलब्ध कराने, सरकारी जमीन पर बसे गरीबों को पर्चा देने, गांव-टोले में पहुंचपथ की व्यवस्था करने तथा बुलडोजर कार्रवाई के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग प्रमुख रही। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 23 सितंबर से जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस मामले को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि भाकपा माले के प्रतिनिधि द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया है। दिए गए ज्ञापन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड के फतेहपुर वार्ड संख्या-3 स्थित मुसहरी में 25 अगस्त को बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में गुरुवार को भाकपा माले और खेग्रामस के कार्यकर्ताओं ने अनुमंडल कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुसहरी में बसे परिवारों को रैयती पर्चा देने की मांग की। उन्होंने भूमिहीनों को वासभूमि और आवास उपलब्ध कराने, सरकारी जमीन पर बसे गरीब परिवारों को पर्चा देने और दलित-गरीब गांवों में पहुंचपथ की व्यवस्था करने की भी मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 23 सितंबर से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। जुलूस निकालकर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सरकारी बस स्टैंड से जुलूस लेकर निकले। यह जुलूस स्टेडियम गोलंबर, समाहरणालय समेत शहर के कई रास्तों से होते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंचा। अनुमंडल कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट के सामने नारेबाजी की और धरना दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन से अनुमंडल कार्यालय का मुख्य गेट बंद रहा। इससे सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और कुछ देर के लिए ट्रैफिक पर असर पड़ा। भूमाफियाओं के इशारे पर बुलडोजर चलाने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फतेहपुर मुसहरी में भूमाफियाओं के कहने पर गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया। इससे उनके घर उजाड़ दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि वहां गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं और पानी निकासी के रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने ताजपुर अंचलाधिकारी आरती कुमारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। सभा में भूमि और आवास के अधिकार का मुद्दा उठा अनुमंडल कार्यालय परिसर में हुई सभा की अध्यक्षता खेग्रामस के प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की। भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सभा का संचालन किया। सभा को खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, जिला अध्यक्ष उपेन्द्र राय, किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, रंजीता देवी, सुमित्रा देवी, सहदेव सदा, अनिल कुमार सिंह, रामविनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी और शाहिद हुसैन समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी ने गरीबों के भूमि और आवास के अधिकार का मुद्दा उठाया। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से जमीन पर बसे गरीब परिवारों को उजाड़ने के बजाय उन्हें कानूनी अधिकार और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों को वासभूमि, आवास और सरकारी जमीन पर बसे गरीबों को पर्चा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही दलित-गरीब बस्तियों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए पहुंचपथ की व्यवस्था करने की भी मांग की गई। पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा सभा के बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर तैनात दंडाधिकारी के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी को पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में मुसहरी के पुस्तैनी निवासियों को रैयती पर्चा देने, भूमिहीनों को वासभूमि एवं आवास उपलब्ध कराने, सरकारी जमीन पर बसे गरीबों को पर्चा देने, गांव-टोले में पहुंचपथ की व्यवस्था करने तथा बुलडोजर कार्रवाई के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग प्रमुख रही। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 23 सितंबर से जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस मामले को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि भाकपा माले के प्रतिनिधि द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया है। दिए गए ज्ञापन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  

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