औरंगाबाद शहर के टिकरी रोड स्थित अलीनगर मोहल्ले में अमृत 2.0 योजना के तहत सीवरेज नेटवर्क के लिए खोदी गई सड़क एक माह बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी है। मदीना मस्जिद रोड में सीवरेज पाइप बिछाने के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। पाइप बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई। इस कारण बारिश के दौरान पूरा रास्ता कीचड़ और जलजमाव से भर गया है। इससे यह सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर कीचड़-फिसलन के कारण बाइक सवारों के साथ पैदल राहगीरों को भी आवागमन में मुश्किल हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन पाइप बिछाने के बाद सड़क को पूर्व की स्थिति में लाना भी एजेंसी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। बारिश के मौसम में सड़क को इसी हालत में छोड़ दिए जाने से परेशानी और बढ़ गई है। अमृत 2.0 के तहत शहर में करीब 196 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क बिछाया जाना है। इसी योजना के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क की खुदाई कर पाइप बिछाने का काम चल रहा है। लोगों की शिकायत है कि काम पूरा होने के बाद कई जगह सड़क की मरम्मत में देरी की जा रही है। अलीनगर में कई जगह जलजमाव, 15 साल से समस्या अलीनगर में जलजमाव की समस्या केवल मदीना मस्जिद रोड तक सीमित नहीं है। शाहपुर से बाइपास को जोड़ने वाली मुख्य सड़क, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कार्यालय के पास और टिकरी रोड से रतनुआ जाने वाले मोड़ पर भी पानी जमा है। कई गलियों में नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित होने के साथ गंदगी और बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासी मेराज खान ने बताया कि मोहल्ले में जलजमाव की समस्या करीब 15 वर्षों से बनी हुई है। सालभर गलियों में नाली का गंदा पानी जमा रहता है। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कई बार बच्चे पानी और कीचड़ में गिर जाते हैं, जिससे उनकी ड्रेस खराब हो जाती है। कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। सड़क खराब होने से रोजगार पर भी असर स्थानीय निवासी शेखर यादव ने बताया कि करीब 1 महीने से सड़क खुदी हुई है। पाइप बिछाने के बाद मरम्मत नहीं होने से बारिश में पूरी गली दलदल बन गई है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। टोटो चालक अब्दुल कयूम ने कहा कि सड़क खराब होने के कारण टोटो घर तक नहीं पहुंच पाता। सवारी भी कम हो गई है और दुकानों के सामने कीचड़ रहने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।गृहिणी रीना देवी ने बताया कि जलजमाव का पानी घर तक पहुंच रहा है। बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है। वहीं, अब्दुल कलाम ने बताया कि भाकपा कार्यालय और रतनुआ मोड़ के पास पानी जमा रहने से ऑटो फंस जाते हैं और सवारी बैठने से कतराते हैं। इससे रोजगार पर असर पड़ रहा है। छात्र मो. आजाद ने कहा कि सीवरेज परियोजना जरूरी है, लेकिन काम के बाद सड़क की मरम्मत भी उतनी ही जरूरी है। जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
बारिश के कारण कई गलियों में पानी जमा वार्ड पार्षद धर्मेंद्र पासवान ने बताया कि अधिक बारिश के कारण कई गलियों में पानी जमा हुआ है। पानी निकासी के लिए नगर परिषद की ओर से व्यवस्था की गई है और कई जगह पंपिंग सेट लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मदीना मस्जिद जाने वाली गली का टेंडर हो चुका है। बारिश समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा। औरंगाबाद शहर के टिकरी रोड स्थित अलीनगर मोहल्ले में अमृत 2.0 योजना के तहत सीवरेज नेटवर्क के लिए खोदी गई सड़क एक माह बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी है। मदीना मस्जिद रोड में सीवरेज पाइप बिछाने के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। पाइप बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई। इस कारण बारिश के दौरान पूरा रास्ता कीचड़ और जलजमाव से भर गया है। इससे यह सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर कीचड़-फिसलन के कारण बाइक सवारों के साथ पैदल राहगीरों को भी आवागमन में मुश्किल हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन पाइप बिछाने के बाद सड़क को पूर्व की स्थिति में लाना भी एजेंसी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। बारिश के मौसम में सड़क को इसी हालत में छोड़ दिए जाने से परेशानी और बढ़ गई है। अमृत 2.0 के तहत शहर में करीब 196 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क बिछाया जाना है। इसी योजना के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क की खुदाई कर पाइप बिछाने का काम चल रहा है। लोगों की शिकायत है कि काम पूरा होने के बाद कई जगह सड़क की मरम्मत में देरी की जा रही है। अलीनगर में कई जगह जलजमाव, 15 साल से समस्या अलीनगर में जलजमाव की समस्या केवल मदीना मस्जिद रोड तक सीमित नहीं है। शाहपुर से बाइपास को जोड़ने वाली मुख्य सड़क, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कार्यालय के पास और टिकरी रोड से रतनुआ जाने वाले मोड़ पर भी पानी जमा है। कई गलियों में नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित होने के साथ गंदगी और बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासी मेराज खान ने बताया कि मोहल्ले में जलजमाव की समस्या करीब 15 वर्षों से बनी हुई है। सालभर गलियों में नाली का गंदा पानी जमा रहता है। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कई बार बच्चे पानी और कीचड़ में गिर जाते हैं, जिससे उनकी ड्रेस खराब हो जाती है। कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। सड़क खराब होने से रोजगार पर भी असर स्थानीय निवासी शेखर यादव ने बताया कि करीब 1 महीने से सड़क खुदी हुई है। पाइप बिछाने के बाद मरम्मत नहीं होने से बारिश में पूरी गली दलदल बन गई है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। टोटो चालक अब्दुल कयूम ने कहा कि सड़क खराब होने के कारण टोटो घर तक नहीं पहुंच पाता। सवारी भी कम हो गई है और दुकानों के सामने कीचड़ रहने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।गृहिणी रीना देवी ने बताया कि जलजमाव का पानी घर तक पहुंच रहा है। बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है। वहीं, अब्दुल कलाम ने बताया कि भाकपा कार्यालय और रतनुआ मोड़ के पास पानी जमा रहने से ऑटो फंस जाते हैं और सवारी बैठने से कतराते हैं। इससे रोजगार पर असर पड़ रहा है। छात्र मो. आजाद ने कहा कि सीवरेज परियोजना जरूरी है, लेकिन काम के बाद सड़क की मरम्मत भी उतनी ही जरूरी है। जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
बारिश के कारण कई गलियों में पानी जमा वार्ड पार्षद धर्मेंद्र पासवान ने बताया कि अधिक बारिश के कारण कई गलियों में पानी जमा हुआ है। पानी निकासी के लिए नगर परिषद की ओर से व्यवस्था की गई है और कई जगह पंपिंग सेट लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मदीना मस्जिद जाने वाली गली का टेंडर हो चुका है। बारिश समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा।

