बिहारशरीफ-कतरीसराय मार्ग पर दरियापुर के पास सकरी नदी पर जर्जर पुल से आवाजाही रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। डायवर्सन जलमग्न होने के बाद स्थानीय लोगों की ओर से तोड़ी गई पुल की सुरक्षा दीवार के स्थान पर अब भारी मात्रा में मिट्टी भरवाकर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया है। पुल और डायवर्सन दोनों बंद हो जाने से इलाके के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क कट गया है। पुल पूरी तरह सील होने और डायवर्सन डूबने से मानपुर, पलनी, रहिंचा, कबीरपुर, मैरा और बरीठ सहित दर्जनों गांवों की आबादी अलग-थलग पड़ गई है। स्थानीय निवासियों को अब जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। जो दूरी पहले 12 से 15 किलोमीटर में तय हो जाती थी, उसके लिए अब गिरियक-पावापुरी होकर 35 से 40 किलोमीटर या अस्थावां के रास्ते 22 से 25 किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है। डायवर्सन डूबा तो लोगों ने तोड़ दी थी ईंट की दीवार सकरी नदी पर स्थित यह पुल अरसे से जर्जर हाल में था। पिलर धंसने की वजह से प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से तीन महीने पहले इसके दोनों छोर पर ईंट की दीवार चुनवाकर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया था। साथ ही यातायात के लिए एक वैकल्पिक डायवर्सन तैयार किया गया था। मंगलवार को नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से डायवर्सन पूरी तरह पानी में समा गया। आवागमन ठप होने पर ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पुल की सुरक्षा दीवार तोड़ दी और खतरनाक पुल से होकर गुजरने लगे, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। एसडीओ और डीएसपी ने मौके पर पहुंच रुकवाया परिचालन मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को एसडीओ किशलय श्रीवास्तव और डीएसपी अमरनाथ पुलिस बल के साथ दरियापुर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का मुआयना करने के बाद तत्काल जेसीबी मंगवाकर टूटी दीवार के मुहाने पर भारी मिट्टी डलवा दी, ताकि किसी भी वाहन या पैदल यात्री का प्रवेश न हो सके। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया, किंतु अधिकारियों ने सुरक्षा और जानमाल के खतरे का हवाला देते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और उन्हें शांत कराया। बिहारशरीफ-कतरीसराय मार्ग पर दरियापुर के पास सकरी नदी पर जर्जर पुल से आवाजाही रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। डायवर्सन जलमग्न होने के बाद स्थानीय लोगों की ओर से तोड़ी गई पुल की सुरक्षा दीवार के स्थान पर अब भारी मात्रा में मिट्टी भरवाकर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया है। पुल और डायवर्सन दोनों बंद हो जाने से इलाके के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क कट गया है। पुल पूरी तरह सील होने और डायवर्सन डूबने से मानपुर, पलनी, रहिंचा, कबीरपुर, मैरा और बरीठ सहित दर्जनों गांवों की आबादी अलग-थलग पड़ गई है। स्थानीय निवासियों को अब जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। जो दूरी पहले 12 से 15 किलोमीटर में तय हो जाती थी, उसके लिए अब गिरियक-पावापुरी होकर 35 से 40 किलोमीटर या अस्थावां के रास्ते 22 से 25 किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है। डायवर्सन डूबा तो लोगों ने तोड़ दी थी ईंट की दीवार सकरी नदी पर स्थित यह पुल अरसे से जर्जर हाल में था। पिलर धंसने की वजह से प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से तीन महीने पहले इसके दोनों छोर पर ईंट की दीवार चुनवाकर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया था। साथ ही यातायात के लिए एक वैकल्पिक डायवर्सन तैयार किया गया था। मंगलवार को नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से डायवर्सन पूरी तरह पानी में समा गया। आवागमन ठप होने पर ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पुल की सुरक्षा दीवार तोड़ दी और खतरनाक पुल से होकर गुजरने लगे, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। एसडीओ और डीएसपी ने मौके पर पहुंच रुकवाया परिचालन मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को एसडीओ किशलय श्रीवास्तव और डीएसपी अमरनाथ पुलिस बल के साथ दरियापुर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का मुआयना करने के बाद तत्काल जेसीबी मंगवाकर टूटी दीवार के मुहाने पर भारी मिट्टी डलवा दी, ताकि किसी भी वाहन या पैदल यात्री का प्रवेश न हो सके। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया, किंतु अधिकारियों ने सुरक्षा और जानमाल के खतरे का हवाला देते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और उन्हें शांत कराया।

