झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें जेएसएससी द्वारा दस्तावेज सत्यापन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द करने के फैसले को निरस्त किया गया था। कोर्ट ने 32 अभ्यर्थियों से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। सुनवाई के दौरान जेएसएससी की ओर से वकील संजय पिपरावाल व जयप्रकाश ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जेएसएससी ने महिला सुपरवाइजर के 444 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें जेएसएससी द्वारा दस्तावेज सत्यापन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द करने के फैसले को निरस्त किया गया था। कोर्ट ने 32 अभ्यर्थियों से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। सुनवाई के दौरान जेएसएससी की ओर से वकील संजय पिपरावाल व जयप्रकाश ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जेएसएससी ने महिला सुपरवाइजर के 444 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था।

