अररिया में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालय गढ़ही टोला में अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जनता दरबार में मिली शिकायत की जांच के बाद फारबिसगंज प्रखंड के विद्यालय की प्रधान शिक्षिका शालू कुमारी और शिक्षक पीयूष कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, विद्यालय की निगरानी में लापरवाही के आरोप में संबंधित प्रखंड साधन सेवी (BRC) का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। डीएम ने 3 सदस्यीय टीम की थी गठित डीएम के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम ने 25 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय गढ़ही टोला का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में कई स्तर पर अनियमितताएं सामने आईं। 208 छात्रों की उपस्थिति, मौके पर मिले 158 जांच के दौरान एमआईएस पोर्टल पर विद्यालय में 208 छात्रों की उपस्थिति दर्ज मिली, जबकि निरीक्षण के समय मौके पर सिर्फ 158 छात्र मौजूद थे। इसके अलावा मिड-डे मील की गुणवत्ता, हाजिरी रजिस्टर और अन्य अभिलेखों के संधारण में भी कमियां पाई गईं। बिना छुट्टी कई दिनों से स्कूल नहीं पहुंचे शिक्षक जांच में शिक्षक पीयूष कुमार के कई दिनों तक बिना अवकाश स्वीकृत कराए विद्यालय से अनुपस्थित रहने की बात भी सामने आई। मामले में शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर प्रधान शिक्षिका शालू कुमारी को निलंबित कर उनका मुख्यालय बीआरसी फारबिसगंज निर्धारित किया गया। शिक्षक पीयूष कुमार को भी निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय बीआरसी भरगामा तय किया गया है। BRC पर भी गिरी गाज विद्यालय की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में फारबिसगंज प्रखंड के संबंधित प्रखंड साधन सेवी का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। उनसे भी पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश गया है। जनता दरबार में मिली शिकायत पर जांच के बाद की गई कार्रवाई से विद्यालयों में लापरवाही और अनियमितता पर प्रशासन की सख्ती सामने आई है। अररिया में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालय गढ़ही टोला में अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जनता दरबार में मिली शिकायत की जांच के बाद फारबिसगंज प्रखंड के विद्यालय की प्रधान शिक्षिका शालू कुमारी और शिक्षक पीयूष कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, विद्यालय की निगरानी में लापरवाही के आरोप में संबंधित प्रखंड साधन सेवी (BRC) का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। डीएम ने 3 सदस्यीय टीम की थी गठित डीएम के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम ने 25 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय गढ़ही टोला का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में कई स्तर पर अनियमितताएं सामने आईं। 208 छात्रों की उपस्थिति, मौके पर मिले 158 जांच के दौरान एमआईएस पोर्टल पर विद्यालय में 208 छात्रों की उपस्थिति दर्ज मिली, जबकि निरीक्षण के समय मौके पर सिर्फ 158 छात्र मौजूद थे। इसके अलावा मिड-डे मील की गुणवत्ता, हाजिरी रजिस्टर और अन्य अभिलेखों के संधारण में भी कमियां पाई गईं। बिना छुट्टी कई दिनों से स्कूल नहीं पहुंचे शिक्षक जांच में शिक्षक पीयूष कुमार के कई दिनों तक बिना अवकाश स्वीकृत कराए विद्यालय से अनुपस्थित रहने की बात भी सामने आई। मामले में शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर प्रधान शिक्षिका शालू कुमारी को निलंबित कर उनका मुख्यालय बीआरसी फारबिसगंज निर्धारित किया गया। शिक्षक पीयूष कुमार को भी निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय बीआरसी भरगामा तय किया गया है। BRC पर भी गिरी गाज विद्यालय की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में फारबिसगंज प्रखंड के संबंधित प्रखंड साधन सेवी का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। उनसे भी पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश गया है। जनता दरबार में मिली शिकायत पर जांच के बाद की गई कार्रवाई से विद्यालयों में लापरवाही और अनियमितता पर प्रशासन की सख्ती सामने आई है।

