CEO Ram Mandir: S-400 से सीमा को सुरक्षित रखने वाले एयर मार्शल अब राम मंदिर की व्यवस्था पर रखेंगे पैनी नजर

CEO Ram Mandir: S-400 से सीमा को सुरक्षित रखने वाले एयर मार्शल अब राम मंदिर की व्यवस्था पर रखेंगे पैनी नजर

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर ट्रस्ट के नए और पहले पूर्णकालिक CEO के रूप में एयर मार्शल (रि0) जीतेंद्र मिश्रा के नाम की घोषणा हुई है। बुधवार 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में हुई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में CEO की नियुक्ति का फैसला हुआ।

CEO चयन की प्रक्रिया, 5500 आवेदन में तीन नाम शॉर्टलिस्ट

CEO चयन के लिए एक 3-सदस्यीय सर्च कमेटी (लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली) ने 5,500+ आवेदनों में से तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए थे। इससे पहले रेस में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा थी, उनमें पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय, पूर्व आईएएस योगेश्वर राम मिश्र/दिनेश चंद्र, और कुछ रिपोर्टों में परेश सक्सेना जैसे नाम शामिल थे

नए CEO का करियर और प्रमुख पद

जीतेंद्र मिश्रा पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रहे, जो भारतीय वायुसेना की सबसे बड़ी और रणनीतिक कमानों में से एक है। 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वे इसी कमान के चीफ थे और हवाई अभियानों के संचालन में उनकी प्रमुख भूमिका रही।

प्रमुख उपलब्धियाँ और सैन्य योगदान

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की प्रभावी तैनाती की गई थी। जितेंद्र के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को भारतीय सीमा से लगभग 2 सौ किमी दूर रहने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने बताया कि S-400 से 314 किमी दूर स्थित एक पाकिस्तानी अवाक्स विमान को निशाना बनाया गया जिसे विश्व के सबसे लंबे सरफेस-टू-एयर किल्स में से एक माना जा रहा है।

सर्वाेत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित

जितेंद्र को उनके सैन्य सेवा और नेतृत्व के लिए सर्वाेत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तान ने S-400 की लोकेशन जानने के लिए भारत के अंदर जासूस और स्लीपर सेल्स सक्रिय किए थे, लेकिन भारत की सुरक्षा व्यवस्था और कैमोफ्लाज तकनीक के कारण यह प्रयास विफल रहा। उन्होंने ब्रह्मोस जैसे स्वदेशी मिसाइल सिस्टम की क्षमताओं को भी रेखांकित किया है। इन सैन्य और नेतृत्व अनुभवों के आधार पर उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक प्रबंधन के लिए चुना गया है।

CEO के के रूप में जिम्मेदारियां

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा की जिम्मेदारियां मुख्य रूप से मंदिर के दैनिक प्रशासन, संचालन और समन्वय से जुड़ी होंगी।

प्रमुख जिम्मेदारियां

  1. प्रशासनिक और संचालन प्रबंधन
  2. वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता
  3. श्रद्धालु सुविधाएं और भीड़ प्रबंधन
  4. सुरक्षा और सरकारी समन्वय
  5. धार्मिक और विकास कार्य
  6. रिपोर्टिंग और नीति निर्माण

CEO ट्रस्ट के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में काम करेगा और ट्रस्ट द्वारा सौंपे गए अधिकारों के तहत दैनिक निर्णय ले सकेगा। दैनिक परिचालन खर्चों के लिए निर्धारित वित्तीय स्वीकृति देने की शक्ति होगी। सभी प्रमुख निर्णयों और नीतियों के लिए ट्रस्ट के प्रति जवाबदेह रहेंगे। एयर मार्शल जीतेन्द्र मिश्रा का पैतृक गांव भोपतपुरा है, जो देवरिया ज़िले, उत्तर प्रदेश में स्थित है। वे भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल हैं और 1 जनवरी 2025 को पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख बने थे।

राम मंदिर को तीन नए ट्रस्टी मिले

इससे पहले दिन में, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के एडमिनिस्ट्रेटिव फेरबदल के तहत तीन नए ट्रस्टी नियुक्त किए। नए ट्रस्टियों में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के रहने वाले मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, महेश भागचंदका विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं। राम मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक में पांडे और यादव के साथ-साथ उनकी नियुक्ति पर भी चर्चा हुई थी।

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