सीतामढ़ी के बैरगनिया थाना क्षेत्र में किन्नर समुदाय से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। किन्नर समुदाय के कुछ लोग थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शादीशुदा पुरुष किन्नर का रूप धारण कर उनके पारंपरिक काम और पहचान पर असर डाल रहे हैं। किन्नरों ने पुलिस को अपनी परेशानी बताई और मामले में कार्रवाई की मांग की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… नकली लोगों ने बढ़ाया रोजगार का संकट किन्नर समुदाय के लोगों ने बताया कि वे सालों से शादी-विवाह, बच्चे के जन्म और दूसरे शुभ मौकों पर बधाई मांगकर गुजारा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके समुदाय का पारंपरिक काम है। उनका आरोप है कि कुछ पुरुष साड़ी पहनकर और किन्नर बनकर लोगों से बधाई मांग रहे हैं। इससे असली किन्नर समुदाय के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। ‘बधाई मांगकर चलता है घर’, समुदाय ने बताई परेशानी थाने पहुंचे किन्नरों ने कहा, “बधाई मांगना हमारा काम है। हम इसी से अपना घर चलाते हैं। अगर कोई पुरुष सिर्फ पैसे कमाने के लिए किन्नर का रूप धारण कर लोगों से बधाई मांगता है, तो इससे हमारे समुदाय की पहचान और रोजगार दोनों पर असर पड़ता है।” शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे किन्नर एक किन्नर ने बताया कि कई लोग उन्हें देखकर दरवाजा बंद कर लेते हैं। वहीं, दूसरी ओर कुछ लोग किन्नर बनकर घर-घर जाकर बधाई मांग रहे हैं। उन्होंने पुलिस से ऐसे लोगों की पहचान कर सही कार्रवाई करने की मांग की। पहचान के गलत इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग किन्नरों का कहना है कि वे किसी के रोजगार के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन, “हमारी पहचान और पारंपरिक अधिकार का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।” उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कराने और सच्चाई सामने लाने की मांग की। पुलिस ने शिकायत सुनने के बाद मामले की जांच का भरोसा दिया है। सीतामढ़ी के बैरगनिया थाना क्षेत्र में किन्नर समुदाय से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। किन्नर समुदाय के कुछ लोग थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शादीशुदा पुरुष किन्नर का रूप धारण कर उनके पारंपरिक काम और पहचान पर असर डाल रहे हैं। किन्नरों ने पुलिस को अपनी परेशानी बताई और मामले में कार्रवाई की मांग की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… नकली लोगों ने बढ़ाया रोजगार का संकट किन्नर समुदाय के लोगों ने बताया कि वे सालों से शादी-विवाह, बच्चे के जन्म और दूसरे शुभ मौकों पर बधाई मांगकर गुजारा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके समुदाय का पारंपरिक काम है। उनका आरोप है कि कुछ पुरुष साड़ी पहनकर और किन्नर बनकर लोगों से बधाई मांग रहे हैं। इससे असली किन्नर समुदाय के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। ‘बधाई मांगकर चलता है घर’, समुदाय ने बताई परेशानी थाने पहुंचे किन्नरों ने कहा, “बधाई मांगना हमारा काम है। हम इसी से अपना घर चलाते हैं। अगर कोई पुरुष सिर्फ पैसे कमाने के लिए किन्नर का रूप धारण कर लोगों से बधाई मांगता है, तो इससे हमारे समुदाय की पहचान और रोजगार दोनों पर असर पड़ता है।” शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे किन्नर एक किन्नर ने बताया कि कई लोग उन्हें देखकर दरवाजा बंद कर लेते हैं। वहीं, दूसरी ओर कुछ लोग किन्नर बनकर घर-घर जाकर बधाई मांग रहे हैं। उन्होंने पुलिस से ऐसे लोगों की पहचान कर सही कार्रवाई करने की मांग की। पहचान के गलत इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग किन्नरों का कहना है कि वे किसी के रोजगार के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन, “हमारी पहचान और पारंपरिक अधिकार का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।” उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कराने और सच्चाई सामने लाने की मांग की। पुलिस ने शिकायत सुनने के बाद मामले की जांच का भरोसा दिया है।

