राजस्थान के प्रशासनिक महकमे में शासन को अधिक पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए मंगलवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में एक अहम और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश के 7 प्रमुख जिलों के ‘यंग कलेक्टर्स’ के साथ बंद कमरे में विस्तृत मैराथन संवाद किया। इस बैठक में शिक्षा ढांचे में बड़े सुधारों, अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन, साइबर अपराधों की रोकथाम, जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान जैसे संवेदनशील व प्राथमिकता वाले विषयों पर गहन मंथन किया गया।
मुख्य सचिव ने युवा आईएएस अधिकारियों से सीधी बात करते हुए स्पष्ट किया कि दफ्तरों से निकलकर नियमित रूप से फील्ड विजिट करें ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ आम नागरिक तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।
स्कूलों में होगा 3000 करोड़ रुपये का सुधार
बैठक में राजस्थान की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने युवा कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में सरकारी स्कूलों का औचक और नियमित निरीक्षण करें।
उन्होंने जानकारी दी कि चालू वर्ष में प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा। कलेक्टर्स को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि स्कूलों में सुरक्षित भवन, पीने का साफ पानी, और स्वच्छ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जाएं।
‘हाई रिस्क प्रेग्नेंसी’ और अस्पतालों में तालमेल पर जोर
स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और युवा कलेक्टर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की ‘हाई रिस्क प्रेग्नेंसी’ की सख्त निगरानी करने के आदेश दिए। प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर के सरकारी अस्पतालों के बीच मजबूत रेफरल व इलाज कनेक्टिविटी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
संदिग्ध बैंक खातों को तुरंत फ्रीज करने के निर्देश
राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम पर मुख्य सचिव ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिला स्तरीय साइबर सुरक्षा समितियों को पूरी तरह सक्रिय करने और संदिग्ध बैंक खातों की तुरंत पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
युवा जिला कलेक्टरों से कहा गया कि राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण की रोजाना समीक्षा की जाए। साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल या फर्जी बैंक खातों को बिना देरी के ब्लॉक कराया जाए। आमजन के बीच साइबर सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान बड़े पैमाने पर चलाए जाएं।
‘हरियालो राजस्थान’ और जल जीवन मिशन में जीरो टॉलरेंस
पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने केवल पौधे लगाने तक सीमित रहने के बजाय उनके संरक्षण और देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ा जाना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही, जल जीवन मिशन (JJM) के तहत हर घर तक साफ पानी पहुंचाने के कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया गया। पीएचईडी (PHED) विभाग के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की पारदर्शी जांच के आदेश कलेक्टर्स को दिए गए।
7 जिलों के युवा कलेक्टर रहे मौजूद
शासन सचिवालय में आयोजित इस विशेष संवाद और फीडबैक सेशन में राजस्थान के 7 महत्वपूर्ण जिलों अलवर, भरतपुर, दौसा, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर और करौली के युवा जिला कलेक्टर मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने इन सभी युवा कलेक्टर्स को प्रशासनिक नवाचारों और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर पारदर्शी व संवेदनशील शासन देने के लिए प्रेरित किया।
प्रशासनिक एवं जन कल्याणकारी पोर्टल्स
राजस्थान सरकार की प्रमुख प्रशासनिक योजनाओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी अधिकृत पोर्टल्स की जानकारी के लिए नीचे दिए गए डिजिटल लिंक पर विजिट करें:
राज्य सरकार की योजनाओं एवं प्रशासनिक अपडेट्स के लिए Rajasthan State Official Portal का अवलोकन करें।
स्कूल शिक्षा विभाग की प्रगति व फंड्स की जानकारी के लिए Education Department Rajasthan पर विजिट करें।

