टेनिस की दुनिया में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब नोवाक जोकोविच को ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हारकर बाहर होना पड़ा। अर्जेंटीना के मारियानो नवारोन ने चार घंटे 36 मिनट तक चले मुकाबले में जोकोविच को 7-6, 5-7, 4-6, 6-2, 6-1 से हराया। इस हार के साथ जोकोविच का रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना फिलहाल अधूरा रह गया है।गौरतलब है कि जोकोविच के लिए यह हार इसलिए भी बेहद खास और निराशाजनक है, क्योंकि करीब 20 वर्षों में पहली बार वह किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में हारकर बाहर हुए हैं। उनका आखिरी ऐसा अनुभव 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में हुआ था, जब उन्हें पॉल गोल्डस्टीन ने पहले दौर में हराया था। इसके बाद जोकोविच ने लगातार 78 ग्रैंड स्लैम मुकाबलों के शुरुआती दौर में जीत दर्ज की थी।हालांकि इस बार मुकाबले के दौरान जोकोविच की सबसे बड़ी चुनौती उनके सामने खड़े नवारोन से ज्यादा उनका शरीर नजर आया। मैच के दौरान वह उल्टी करते दिखे। बाद में उन्हें शरीर में ऐंठन और पीठ में तेज दर्द की परेशानी भी हुई। मुकाबले के अंतिम हिस्से में उनकी शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर होती गई और इसका फायदा नवारोन ने पूरी तरह उठाया।मैच के चौथे सेट में जोकोविच एक समय 2-1 की बढ़त बना चुके थे और ऐसा लग रहा था कि वह मुकाबले पर नियंत्रण हासिल कर चुके हैं। उन्होंने शानदार बैकहैंड लगाकर नवारोन की सर्विस तोड़ी। लेकिन इसके बाद तस्वीर तेजी से बदल गई। नवारोन ने लगातार पांच गेम जीतकर चौथा सेट अपने नाम किया और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक पहुंचा दिया।पांचवें सेट से पहले जोकोविच ने चिकित्सकीय समय लिया। उनकी रीढ़ की मालिश की गई और उन्हें दवा भी दी गई। लेकिन इसके बावजूद वह अपनी शारीरिक परेशानी से उबर नहीं सके। नवारोन ने निर्णायक सेट में शुरुआत से ही दबाव बनाया और 3-0 की बढ़त ले ली। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस पर सिर्फ एक अंक गंवाया और आसानी से सेट जीतकर सबसे बड़ी जीत दर्ज की।मौजूद जानकारी के अनुसार जोकोविच ने मुकाबले के बाद कहा कि इस साल लगभग हर मैच में उन्हें ऐसी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने संकेत दिया कि उल्टी के बाद उनका पूरा शरीर ऐंठन और दर्द की स्थिति में चला जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उन्हें खुद नहीं पता कि इस समस्या का समाधान कैसे किया जाए और वह यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनके शरीर के साथ क्या हो रहा है।बता दें कि शारीरिक परेशानियों के बावजूद जोकोविच का इस साल प्रदर्शन पूरी तरह खराब नहीं रहा है। वह ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल तक पहुंचे थे और विंबलडन के सेमीफाइनल में भी जगह बनाई थी। लेकिन उनके मुताबिक मौजूदा स्थिति में लंबे टूर्नामेंट के कई दौर तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।दूसरी ओर 48वीं वरीयता प्राप्त मारियानो नवारोन के लिए यह जीत उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है। यह जोकोविच के खिलाफ उनका पहला मुकाबला था और उन्होंने दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी के खिलाफ दबाव के बावजूद धैर्य बनाए रखा। जीत के बाद नवारोन ने इसे अविश्वसनीय बताया और कहा कि दो सेट जीतने के बाद भी जब वह एक सेट से पीछे थे और चौथे सेट में ब्रेक गंवा चुके थे, तब उन्होंने मानसिक मजबूती बनाए रखी।इस जीत ने नवारोन को न सिर्फ अगले दौर में पहुंचाया है, बल्कि जोकोविच के दो दशक लंबे शुरुआती दौर के दबदबे को भी समाप्त कर दिया है। अब टेनिस प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि जोकोविच अपनी शारीरिक परेशानियों से कैसे निपटते हैं और आने वाले बड़े मुकाबलों में किस तरह वापसी करते हैं। फिलहाल इतना जरूर है कि सोमवार की रात अर्जेंटीना के मारियानो नवारोन ने टेनिस जगत में एक यादगार अध्याय लिख दिया हैं।
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