‘पहले तुम जाओ, बच गईं तो हम भी आएंगे’, अदा शर्मा ने सुनाया ‘लेडीज फर्स्ट’ का किस्सा, यूजर्स बोले- ‘आज तक अंधेरे में क्यों रखा’

‘पहले तुम जाओ, बच गईं तो हम भी आएंगे’, अदा शर्मा ने सुनाया ‘लेडीज फर्स्ट’ का किस्सा, यूजर्स बोले- ‘आज तक अंधेरे में क्यों रखा’

Ada Sharma Viral Post: एक्ट्रेस अदा शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ‘लेडीज फर्स्ट’ से जुड़ी एक दिलचस्प ‘डार्क थ्योरी’ शेयर की है। आमतौर पर ‘लेडीज फर्स्ट’ को महिलाओं के सम्मान, शिष्टाचार और तहजीब से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अदा ने इसके पीछे की एक अलग कहानी लोगों के सामने रखी। हालांकि, उन्होंने खुद साफ किया कि इस थ्योरी का कोई पक्का ऐतिहासिक सबूत नहीं है।

क्या है ‘लेडीज फर्स्ट’ की डार्क थ्योरी?

अदा शर्मा ने अपने पोस्ट में बताया कि एक थ्योरी के मुताबिक, मध्यकाल में जब लोग किसी अनजान या खतरनाक जगह में दाखिल होते थे तो कथित तौर पर महिलाओं को पहले भेजा जाता था। इसके पीछे वजह यह बताई जाती है कि अगर वहां कोई जाल, कमजोर जमीन या दुश्मन छिपा हो तो उसका पता सबसे पहले चल सके। अदा ने इसी बात को मजेदार अंदाज में समझाते हुए लिखा कि इसका मतलब कुछ ऐसा था- ‘तुम पहले जाओ, अगर तुम बच गईं तो हम भी आ जाएंगे।’

अदा ने खुद बताया- थ्योरी का कोई पक्का सबूत नहीं

हालांकि, अदा ने अपनी पोस्ट में इस कहानी को तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस थ्योरी का कोई पक्का ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है और कई इतिहासकार इसे एक तरह की अर्बन लेजेंड मानते हैं।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतिहास में हर कहानी का सिर्फ एक ही वर्जन लोगों तक पहुंचता है या उसके पीछे कोई दूसरा पहलू भी हो सकता है। अदा ने ‘लेडीज फर्स्ट’ को लेकर लोगों से सवाल किया कि क्या यह सिर्फ सम्मान और शिष्टाचार की परंपरा है या फिर इतिहास का सबसे सफल ‘पीआर कैंपेन’?

अदा की पोस्ट पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट्स

अदा शर्मा की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, ‘हे भगवान, आज तक हमें अंधेरे में क्यों रखा गया।’ वहीं दूसरे यूजर ने लिखा,’जो भी हो लेकिन लेडीज को फर्स्ट होने में मजा आ रहा है।’ एक अन्य यूजर ने अदा की थ्योरी पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘आपकी थ्योरी की अलग बात।’

अदा शर्मा की इस पोस्ट ने ‘लेडीज फर्स्ट’ जैसे आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले मुहावरे को लेकर सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, उनके पोस्ट में बताई गई डार्क थ्योरी को ऐतिहासिक तथ्य नहीं माना जा सकता।

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