कैमूर के नए जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद यह अस्पताल में उनका पहला दौरा था। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं की गहन समीक्षा की। DM के इंस्पेक्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. लापरवाही पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई जिलाधिकारी ने मीडिया को बताया कि अस्पताल में नए ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसे शीघ्र पूरा कराने के लिए संबंधित अभियंताओं और संवेदकों की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। डीएम ने डॉक्टरों की कमी पर चिंता व्यक्त की और बताया कि विभाग द्वारा नए डॉक्टरों तथा जीएनएम/एएनएम की पदस्थापना की जा रही है। दवाओं की उपलब्धता का भी लिया जायजा उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों का वेतन रोका जाए और उनके खिलाफ विधिवत विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभान्वित मरीजों की संख्या और जन औषधि केंद्र से दवाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि मरीजों को किसी भी स्थिति में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और दलालों के हस्तक्षेप को पूरी तरह रोका जाए, ताकि जरूरतमंदों को उचित स्वास्थ्य लाभ मिल सके। कैमूर के नए जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद यह अस्पताल में उनका पहला दौरा था। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं की गहन समीक्षा की। DM के इंस्पेक्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. लापरवाही पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई जिलाधिकारी ने मीडिया को बताया कि अस्पताल में नए ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसे शीघ्र पूरा कराने के लिए संबंधित अभियंताओं और संवेदकों की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। डीएम ने डॉक्टरों की कमी पर चिंता व्यक्त की और बताया कि विभाग द्वारा नए डॉक्टरों तथा जीएनएम/एएनएम की पदस्थापना की जा रही है। दवाओं की उपलब्धता का भी लिया जायजा उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों का वेतन रोका जाए और उनके खिलाफ विधिवत विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभान्वित मरीजों की संख्या और जन औषधि केंद्र से दवाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि मरीजों को किसी भी स्थिति में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और दलालों के हस्तक्षेप को पूरी तरह रोका जाए, ताकि जरूरतमंदों को उचित स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

