पुणे, एक सितंबर पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर कथित तौर पर हटाए जाने के मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले सोमवार को पार्टी प्रमुख राज ठाकरे के बेटे और मनसे नेता अमित ठाकरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ संस्थान के एक कार्यालय की दीवार से प्रधानमंत्री की तस्वीर कथित तौर पर हटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
छत्रपति पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, इस घटना के संबंध में पूछताछ के लिए मनसे के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है। कॉलेज अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, मनसे की छात्र इकाई के प्रमुख अमित ठाकरे सोमवार दोपहर सदस्यता अभियान के सिलसिले में कॉलेज पहुंचे थे।
शिकायत के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर अपने समर्थकों से कार्यालय की दीवार पर लगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर हटाने को कहा। यह तस्वीर छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र और डॉ. बी. आर. आंबेडकर तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरों के साथ लगी हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अमित ठाकरे और अन्य लोग बिना अनुमति के कार्यालय में दाखिल हुए, तस्वीर हटाई, कर्मचारियों को धमकाया, नारेबाजी की और हंगामा किया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अमित ठाकरे ने सोमवार को कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में पहला पुलिस मामला छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े आंदोलन के कारण दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा, अगर दूसरा मामला भी छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए दर्ज होता है तो मुझे खुशी होगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता गणेश बिडकर ने इस कृत्य की आलोचना करते हुए कहा कि अमित ठाकरे ने राजनीतिक अपरिपक्वता दिखाई है। बिडकर ने कहा था, सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रतिष्ठित हस्तियों की तस्वीरें लगाना एक तय प्रोटोकॉल है। ऐसा लगता है कि ठाकरे को इसकी जानकारी नहीं है।

