रेप के मुख्य आरोपी लल्लू मुखिया की अग्रिम जमानत खारिज:किशनगंज पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए दबिश की तेज, नशीला पदार्थ देकर पति को किया था बेहोश

रेप के मुख्य आरोपी लल्लू मुखिया की अग्रिम जमानत खारिज:किशनगंज पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए दबिश की तेज, नशीला पदार्थ देकर पति को किया था बेहोश

किशनगंज के पौआखाली थाना क्षेत्र में दर्ज रेप मामले के मुख्य आरोपी अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया को बड़ा झटका लगा है। व्यवहार न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अपनी दबिश तेज कर दी है। लल्लू मुखिया पिछले चार सप्ताह से फरार चल रहा है। अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया ने पौआखाली थाना कांड संख्या 120/2026 के तहत गिरफ्तारी की आशंका पर व्यवहार न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान, आरोपी के अधिवक्ता ने उसका पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से लोक अभियोजक ने मामले की गंभीरता अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। रेप के बाद नशीला पदार्थ देकर किया बेहोश अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 28 जुलाई 2026 की रात करीब 12 बजे की है। आरोपी पंचायत के बहाने पीड़िता, उसके पति और उनकी बेटी को अपने साथ ले गया था। आरोप है कि रास्ते में उसने पीड़िता के पति को नशीला पदार्थ मिलाकर रजनीगंधा खिलाया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपी पीड़िता और उसकी बेटी को किशनगंज के एक होटल में ले गया। आरोप है कि होटल में आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और उसे भी नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया। जांच के दौरान, पीड़िता का बयान बीएनएसएस की धारा 183 के तहत दर्ज किया गया, जिसमें उसने प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों का समर्थन किया। आरोपी को अग्रिम जमानत का नहीं मिलेगा लाभ अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि यह अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप और लंबित जांच को देखते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने याचिका खारिज कर दी। जमानत याचिका खारिज होने के बाद, पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल के विभिन्न स्थानों में छिपा हुआ है। किशनगंज के पौआखाली थाना क्षेत्र में दर्ज रेप मामले के मुख्य आरोपी अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया को बड़ा झटका लगा है। व्यवहार न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अपनी दबिश तेज कर दी है। लल्लू मुखिया पिछले चार सप्ताह से फरार चल रहा है। अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया ने पौआखाली थाना कांड संख्या 120/2026 के तहत गिरफ्तारी की आशंका पर व्यवहार न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान, आरोपी के अधिवक्ता ने उसका पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से लोक अभियोजक ने मामले की गंभीरता अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। रेप के बाद नशीला पदार्थ देकर किया बेहोश अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 28 जुलाई 2026 की रात करीब 12 बजे की है। आरोपी पंचायत के बहाने पीड़िता, उसके पति और उनकी बेटी को अपने साथ ले गया था। आरोप है कि रास्ते में उसने पीड़िता के पति को नशीला पदार्थ मिलाकर रजनीगंधा खिलाया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपी पीड़िता और उसकी बेटी को किशनगंज के एक होटल में ले गया। आरोप है कि होटल में आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और उसे भी नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया। जांच के दौरान, पीड़िता का बयान बीएनएसएस की धारा 183 के तहत दर्ज किया गया, जिसमें उसने प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों का समर्थन किया। आरोपी को अग्रिम जमानत का नहीं मिलेगा लाभ अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि यह अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप और लंबित जांच को देखते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने याचिका खारिज कर दी। जमानत याचिका खारिज होने के बाद, पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल के विभिन्न स्थानों में छिपा हुआ है।  

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