चतरा के प्रतापपुर स्थित यूएमएस ननईकला में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के चावल चोरी का मामला शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिस शिक्षक विजय कुमार पर ग्रामीणों ने एमडीएम का चावल चोरी करने का आरोप लगाया, विभागीय जांच में स्कूल में पूरा 14 बोरा चावल सुरक्षित मिला। जांच के बाद आरोप बेबुनियाद पाए गए। इसके बावजूद जांच में निर्दोष साबित हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक विजय कुमार से स्कूल का प्रभार छीन लिया गया। अब यह प्रभार मुकेश कुमार को सौंप दिया गया है। यह निर्णय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किशोर कुमार ने लिया। जब शिक्षक निर्दोष तो प्रभार से क्यों हटाया प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किशोर कुमार की जांच में आरोपी शिक्षक विजय कुमार निर्दोष पाया गया। इसके बावजूद उसे प्रभारी प्राचार्य के पद से हटा दिया गया। अब निर्दोष शिक्षक को पद से हटाए जाने के मामले पर सवाल उठाया जा रहा है। दरअसल, इस पूरे प्रकरण के पीछे जो बात सामने आया कि शिक्षक विजय कुमार को पुरानी रंजिश के कारण आरोपों में घसीटा गया था। यानी जिस आरोप को लेकर शिक्षक के खिलाफ माहौल बनाया गया था, विभागीय जांच में उसका आधार नहीं मिला। इसके बावजूद बीईओ ने ग्रामीणों के हंगामे के आगे झुकते हुए आरोपी बनाए गए शिक्षक से प्रभारी प्रधानाध्यापक का प्रभार छीन लिया। बीईओ बोले- छुट्टी पर था, पता ही नहीं चला कौन बना हेडमास्टर इस पूरे प्रकरण पर बीईओ किशोर कुमार का कहना है कि पूर्व हेडमास्टर विपुल कुमार सिंह का तबादला टंडवा हो गया था। उन्होंने बिना विभागीय सूचना दिए ही शिक्षक विजय कुमार को स्कूल का प्रभार सौंप दिया था। इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह रक्षाबंधन की छुट्टी पर थे, इसलिए उन्हें जानकारी नहीं हो सकी कि स्कूल में नया हेडमास्टर कौन बन गया। चतरा के प्रतापपुर स्थित यूएमएस ननईकला में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के चावल चोरी का मामला शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिस शिक्षक विजय कुमार पर ग्रामीणों ने एमडीएम का चावल चोरी करने का आरोप लगाया, विभागीय जांच में स्कूल में पूरा 14 बोरा चावल सुरक्षित मिला। जांच के बाद आरोप बेबुनियाद पाए गए। इसके बावजूद जांच में निर्दोष साबित हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक विजय कुमार से स्कूल का प्रभार छीन लिया गया। अब यह प्रभार मुकेश कुमार को सौंप दिया गया है। यह निर्णय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किशोर कुमार ने लिया। जब शिक्षक निर्दोष तो प्रभार से क्यों हटाया प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किशोर कुमार की जांच में आरोपी शिक्षक विजय कुमार निर्दोष पाया गया। इसके बावजूद उसे प्रभारी प्राचार्य के पद से हटा दिया गया। अब निर्दोष शिक्षक को पद से हटाए जाने के मामले पर सवाल उठाया जा रहा है। दरअसल, इस पूरे प्रकरण के पीछे जो बात सामने आया कि शिक्षक विजय कुमार को पुरानी रंजिश के कारण आरोपों में घसीटा गया था। यानी जिस आरोप को लेकर शिक्षक के खिलाफ माहौल बनाया गया था, विभागीय जांच में उसका आधार नहीं मिला। इसके बावजूद बीईओ ने ग्रामीणों के हंगामे के आगे झुकते हुए आरोपी बनाए गए शिक्षक से प्रभारी प्रधानाध्यापक का प्रभार छीन लिया। बीईओ बोले- छुट्टी पर था, पता ही नहीं चला कौन बना हेडमास्टर इस पूरे प्रकरण पर बीईओ किशोर कुमार का कहना है कि पूर्व हेडमास्टर विपुल कुमार सिंह का तबादला टंडवा हो गया था। उन्होंने बिना विभागीय सूचना दिए ही शिक्षक विजय कुमार को स्कूल का प्रभार सौंप दिया था। इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह रक्षाबंधन की छुट्टी पर थे, इसलिए उन्हें जानकारी नहीं हो सकी कि स्कूल में नया हेडमास्टर कौन बन गया।

