मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के ओझला ब्रिज गेज स्थल पर सोमवार 31 अगस्त की रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 75.530 मीटर दर्ज किया गया। पिछले आठ घंटे में इसमें 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। नदी वर्तमान में 1.25 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण कोन ब्लॉक के हरसिंहपुर और मल्लेपुर गांव के खेतों में पानी घुस गया है, जिससे सैकड़ों एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का चेतावनी स्तर 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से 1.194 मीटर नीचे और खतरे के निशान से 2.194 मीटर नीचे है। गंगा का अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 1978 में 80.340 मीटर दर्ज किया गया था। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए गंगा घाटों और नदी किनारे के क्षेत्रों में प्रशासन तथा संबंधित विभागों की निगरानी बढ़ा दी गई है। निचले और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्नान घाटों पर जाने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा गया है। अब दोबारा बढ़ोतरी का रुख बनने से प्रशासन हर घंटे की स्थिति पर नजर रख रहा है। हालांकि, फिलहाल गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है और बाढ़ का खतरा घोषित स्तर पर नहीं पहुंचा है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

