‘मेरी पत्नी का नाम अपनी जुबान पर मत लाना’, उषा पर बयानबाजी से भड़के JD वेंस, विरोधी नेता को दी सीधी चेतावनी

‘मेरी पत्नी का नाम अपनी जुबान पर मत लाना’, उषा पर बयानबाजी से भड़के JD वेंस, विरोधी नेता को दी सीधी चेतावनी

JD Vance: अमेरिका में आगामी सीनेट चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मिशिगन में एक रैली के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल एल-सैयद आमने-सामने आ गए हैं। अपनी पत्नी उषा वेंस पर की गई एक सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद वेंस ने उन्हें कड़ी चेतावनी दी और कहा कि उनकी पत्नी का नाम अपनी जुबान से दूर रखें।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब JD वेंस ने ओहायो की एक चुनावी सभा में अपने दिवंगत दादा (जिन्हें वे ‘पापॉ’ कहते हैं) को याद किया। वेंस ने कहा कि आज की डेमोक्रेटिक पार्टी वैसी नहीं रही जैसी उनके दादा के समय हुआ करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता आम लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा तो करते हैं, लेकिन असल में शरिया कानून और समाज को बांटने वाली राजनीति का समर्थन करते हैं।

उषा वेंस पर तंज कसा तो भड़के उपराष्ट्रपति

वेंस के इस बयान के बाद डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल एल-सैयद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तंज कसा। उन्होंने उषा वेंस के भारतीय-अमेरिकी और हिंदू मूल का होने का हवाला देते हुए एक विवादित पोस्ट लिखी, जिसमें वेंस की पत्नी का जिक्र किया गया।
इस टिप्पणी पर करारा जवाब देते हुए मिशिगन के स्टर्लिंग हाइट्स में आयोजित MAGA Inc. की रैली में वेंस ने सीधे तौर पर कहा कि अब्दुल, तुम जिस बारे में चाहो बात करो, लेकिन मेरी पत्नी का नाम अपनी जुबान पर मत लाना। वह तुम्हारी सोच और पहुंच से बहुत बाहर है। वेंस ने एल-सैयद के व्यवहार को अजीब और उनकी मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्हें जनता को बांटने वाला नेता बता दिया।

दोनों नेताओं के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप

चुनावी माहौल तब और गरमा गया जब वेंस ने एल-सैयद पर सिर्फ एक विशेष समुदाय का पक्ष लेने और दूसरों के प्रति सहानुभूति न रखने का आरोप लगाया। इसके जवाब में एल-सैयद ने पलटवार करते हुए कहा कि असली ‘बुराई’ आम लोगों से स्वास्थ्य सुविधाएं छीनना, अरबपतियों को टैक्स छूट देना और समाज को बांटना है। उन्होंने दावा किया कि मिशिगन की जनता बाहरी नेताओं के भाषणों में आने वाली नहीं है और चुनाव में वोट देकर इसका सही जवाब देगी।

9/11 टिप्पणी और इजरायल-हमास मुद्दे पर भी घेरा

रिपब्लिकन पार्टी एल-सैयद के पुराने बयानों और उनके सहयोगियों को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है। हाल ही में एक यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग) पर हुए हमले के बाद एल-सैयद के बयान और वामपंथी स्ट्रीमर हसन पिकर के साथ उनके रिश्तों पर जमकर राजनीति हो रही है। हालांकि, एल-सैयद ने 9/11 से जुड़ी विवादित टिप्पणियों से खुद को अलग रखा है और यहूदी-विरोधी भावना की निंदा की है।

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