डीआईजी ने पुलिस लाइन का दौरा किया:178 प्रशिक्षु सिपाहियों को दिए पुलिसिंग के टिप्स, लंबित मामलों पर निर्देश

डीआईजी ने पुलिस लाइन का दौरा किया:178 प्रशिक्षु सिपाहियों को दिए पुलिसिंग के टिप्स, लंबित मामलों पर निर्देश

सहरसा। कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने सोमवार को पुलिस लाइन का दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे 178 प्रशिक्षु सिपाहियों से सीधा संवाद किया और उन्हें पूरी लगन व अनुशासन के साथ ट्रेनिंग पूरी करने के लिए प्रेरित किया। डीआईजी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और डीजीपी के निर्देश पर कोसी रेंज के सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिलों के प्रशिक्षण केंद्रों का लगातार जायजा लिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जवानों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना और उनका तत्काल समाधान करना है। उन्होंने यह भी बताया कि इंडोर और आउटडोर दोनों सत्रों में प्रशिक्षुओं को आधुनिक पुलिसिंग, विधि व्यवस्था और अनुशासन की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। इसका लक्ष्य उन्हें फील्ड में जनता की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार करना है। पुलिस लाइन के निरीक्षण के बाद डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने अपने द्वारा गोद लिए गए सदर थाने की पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं और थानाध्यक्ष को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का कड़ा निर्देश दिया। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि चालू माह में सदर थाना क्षेत्र के कम से कम 200 लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया है। डीआईजी ने विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए क्षेत्र में रात्रि गश्ती (नाइट पेट्रोलिंग) को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि वारंटियों की गिरफ्तारी और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर सहरसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रम सिहाग सहित जिला पुलिस बल के कई वरीय पुलिस पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। सहरसा। कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने सोमवार को पुलिस लाइन का दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे 178 प्रशिक्षु सिपाहियों से सीधा संवाद किया और उन्हें पूरी लगन व अनुशासन के साथ ट्रेनिंग पूरी करने के लिए प्रेरित किया। डीआईजी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और डीजीपी के निर्देश पर कोसी रेंज के सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिलों के प्रशिक्षण केंद्रों का लगातार जायजा लिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जवानों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना और उनका तत्काल समाधान करना है। उन्होंने यह भी बताया कि इंडोर और आउटडोर दोनों सत्रों में प्रशिक्षुओं को आधुनिक पुलिसिंग, विधि व्यवस्था और अनुशासन की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। इसका लक्ष्य उन्हें फील्ड में जनता की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार करना है। पुलिस लाइन के निरीक्षण के बाद डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने अपने द्वारा गोद लिए गए सदर थाने की पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं और थानाध्यक्ष को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का कड़ा निर्देश दिया। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि चालू माह में सदर थाना क्षेत्र के कम से कम 200 लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया है। डीआईजी ने विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए क्षेत्र में रात्रि गश्ती (नाइट पेट्रोलिंग) को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि वारंटियों की गिरफ्तारी और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर सहरसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रम सिहाग सहित जिला पुलिस बल के कई वरीय पुलिस पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।  

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