सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बिहार और झारखंड सरकारों ने सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान हुआ। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और दोनों राज्यों तथा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
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इसके अलावा, शुक्रवार को शाह ने घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र के बोपल, घुमा, शेला और आस-पास के इलाकों में BKM स्कूल में आयोजित ‘लोक दरबार’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहां मौजूद लोगों से बात करते हुए, शाह ने स्थानीय निवासियों के साथ अपने 30 साल से ज़्यादा पुराने, गर्मजोशी भरे और पारिवारिक रिश्तों का ज़िक्र किया। उन्होंने लगभग 20-21 इंच की भारी बारिश से हुई हालिया दिक्कतों और निवासियों को हुई परेशानी का भी ज़िक्र किया।
शाह ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के अगले ही दिन से बारिश के पानी की निकासी के स्थायी इंतज़ाम के लिए ज़मीनी स्तर पर योजना बनाने का काम शुरू हो गया था। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में 30 इंच तक बारिश होने पर भी घरों और हाउसिंग सोसायटियों में पानी जमा होने से रोकने के लिए व्यापक और समय पर उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा, शाह ने बोपल, घुमा, शेला और आस-पास के नए विकसित इलाकों में पीने का पानी पहुँचाने के लिए जसपुर से एक पाइपलाइन बिछाने की घोषणा की। इस पाइपलाइन से निवासियों को नर्मदा का साफ़ और पर्याप्त पीने का पानी मिल सकेगा।
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उन्होंने इस इलाके में हुए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का ज़िक्र करते हुए बताया कि कैसे यह इलाका ग्राम पंचायत से आगे बढ़कर सड़कों, मेट्रो कनेक्टिविटी, AMTS सेवाओं, फ्लाईओवर, ड्रेनेज और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाओं से लैस हो गया है। शाह ने इन सुधारों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व को दिया।

