संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के भेलवासी गांव में सार्वजनिक नाली अवरुद्ध होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। नाली में मिट्टी डालकर जल निकासी रोकने का आरोप लगाते हुए सोमवार को दोपहर करीब 3:30 बजे दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर नाली से अतिक्रमण हटाने और जल निकासी बहाल कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 30 वर्ष पुरानी ग्राम सभा की नाली में कुछ लोगों ने मिट्टी डाल दी है। इसके अलावा नाली की जमीन पर पक्की दीवार का निर्माण भी कराया जा रहा है। जल निकासी बाधित होने से गांव में जगह-जगह पानी जमा है। इससे गंदगी फैलने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीण हरिश्चंद्र और सूर्यमती ने बताया कि उनके घरों के सामने गंदा पानी जमा होने से आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह नाली ग्राम सभा की ओर से करीब तीन दशक पहले गांव के पानी की निकासी के लिए बनवाई गई थी और लंबे समय से इसका इस्तेमाल किया जा रहा था। शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 17 अगस्त 2026 को रमेश, महेंद्र और कपूर (पुत्रगण चंद्रबली), राम अवध (पुत्र गसयु) और रामदीन (पुत्र रामदास) समेत अन्य लोगों ने नाली में मिट्टी डालकर उसे अवरुद्ध कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि मामले की सूचना खलीलाबाद कोतवाली पुलिस को भी दी गई थी। उनके अनुसार, शिकायत के बाद कांटे चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मौके की जांच कराकर सार्वजनिक नाली से अतिक्रमण हटाने, जल निकासी बहाल कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना-पत्र देने वालों में संतराम, रामग्रिश, रवि प्रकाश, मिथिलेश, दिवाकर, प्रहलाद, राम लखन, आशा देवी, सुनीता देवी, लालमन, सीमा देवी और अनिरुद्ध कुमार समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।

