समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सोमवार को दावा किया कि राज्य के पूरे राजनीतिक इतिहास में इतनी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं आई, जितनी इस समय है। यादव ने मंगलवार से पार्टी का बूथ स्तर पर चुनाव प्रचार अभियान शुरू करने की घोषणा भी की। सपा मुख्यालय में संगठनात्मक बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में यादव ने भाजपा सरकार पर जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) समेत कई सरकारी संस्थानों को बेचने का आरोप लगाया।
उन्होंने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पर भी आपत्ति जताई। मुख्यमंत्री ने हाल में सपा प्रमुख और उनके परिवार पर जेपीएनआईसी के निर्माण में ‘‘डकैती’’ डालने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि पूरे परिवार ने मिलकर इसे लूटा। इस पर यादव ने कहा, ‘‘आपने जेपीएनआईसी को उतने में बेच दिया, जितना केवल पार्किंग से उद्योगपति कमा लेगा।
आप कैसी इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं कहना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश का पूरा राजनीतिक इतिहास उठा लें, इतनी भ्रष्ट सरकार प्रदेश में नहीं आई होगी, जितनी इस समय है।’’
उन्होंने सरकारी संस्थानों को बेचने का आरोप लगाते हुए कहा कि उद्योगपति सरकार से दुखी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब पूंजीवादी व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा तो एक उद्योगपति दूसरे उद्योगपति को खा जाएगा।’’
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर प्रदेश में 26 हजार सरकारी स्कूल बंद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर इन स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित कर सरकार को बताएगी कि ये स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
यादव ने सरकार पर मतदाता सूची का दोबारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू करने और निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर साजिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘अब सुनने में आ रहा है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले ये लोग वार्षिक पुनरीक्षण और एसआईआर करेंगे, जिससे अपने लोगों के वोटों को समायोजित करेंगे और बड़े पैमाने पर बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को मतदाता बनाएंगे। यह साजिश की जा रही है।’’
यादव ने आने वाले समय में ‘पीडीए’ सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में अन्याय हो रहा है और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि सपा के सभी जिलाध्यक्ष और कार्यकारिणी के सदस्य दो सप्ताह के भीतर भाजपा सरकार द्वारा ‘पीडीए’ के अपमान और भ्रष्टाचार का प्रेस के माध्यम से खुलासा करेंगे। अखिलेश यादव पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक वर्ग को साधने के लिए उन्हें ‘पीडीए’ नाम से संबोधित करते हैं। सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को ‘‘स्वजातीय टॉर्चर फोर्स’’ बताते हुए आरोप लगाया कि ‘पीडीए’ का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने पुलिस हिरासत में मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश को देश में ‘‘नंबर एक’’ बताते हुए बदायूं में थाने में एक दलित व्यक्ति की हिरासत में मौत का उदाहरण दिया। यादव ने आरोप लगाया कि वाराणसी में आदिवासी मजदूर रामजनम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि उसका ‘‘दोष’’ केवल इतना था कि वह ईंट-भट्ठे पर दूसरी जगह काम करना चाहता था।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जाति देखकर की गई कथित फर्जी मुठभेड़ों की सपा सरकार बनने पर जांच कराई जाएगी। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार कृत्रिम मेधा (एआई) के जरिए उनके बारे में वीडियो बनवा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को ‘‘बचपना’’ और ‘‘बच्चों का खेल’’ नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हद तो तब हो गई, जब डिंपल (अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव) के लिए भी बना (कृत्रिम मेधा आधारित वीडियो) रहे हैं और उनका भी नाम ले रहे हैं। आदमी जब खिसिया जाता है तो क्या नहीं करता। लगता है जेपीएनआईसी का ‘कमीशन’ अभी पूरा पहुंचा नहीं है, जहां पहुंचना चाहिए।’’
यादव ने उनका मजाक उड़ाते हुए कृत्रिम मेधा के जरिए तैयार वीडियो दिखाया जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो सत्तारूढ़ दल की ओर से तैयार किया गया है।
इसके जवाब में अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कृत्रिम मेधा से तैयार एक वीडियो प्रदर्शित किया।

