देवरिया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। माकपा ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में वामपंथी दलों और किसान संगठनों से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) द्वारा जुटाई जा रही है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और निजता का गंभीर उल्लंघन बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की। सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक चले इस प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा। पार्टी का दावा है कि पुलिस और एलआईयू द्वारा व्यक्तिगत विवरण के अलावा बैंक खाते, पैन नंबर और अन्य निजी जानकारियां भी मांगी जा रही हैं। माकपा ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य और इसका कानूनी आधार अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है। पार्टी के नेता सतीश कुमार ने आरोप लगाया कि बिना उचित कारण के विपक्षी दलों, किसान संगठनों और वामपंथी कार्यकर्ताओं को उनके घरों में नजरबंद किया जा रहा है। उन्होंने ऐसी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही कथित दिक्कतों को दूर कर प्रक्रिया को सुगम बनाने की मांग उठाई। उन्होंने जिले में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जर्जर तारों और केबलों को बदलने तथा बिजली विभाग में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की भी मांग की। माकपा ने खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने, खराब ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की भी मांग की। साथ ही, बिहार सीमा पर होने वाली कथित शराब तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की भी अपील की गई। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। माकपा ने स्थानीय समस्याओं को भी ज्ञापन में शामिल किया। पार्टी ने प्रतापपुर चीनी मिल पर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का तत्काल भुगतान कराने और बैतालपुर चीनी मिल को दोबारा चालू कराने की मांग की।

