मोतिहारी में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर निगम वार्ड संख्या-8 में खुले और जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान वार्ड संख्या-8 निवासी शिवनाथ महतो के रूप में हुई है, जो पेशे से चापाकल मिस्त्री थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। भैंस बांधने गया था, तार की चपेट में आया जानकारी के अनुसार, शिवनाथ महतो सोमवार को अपने घर के पास भैंस बांधने के लिए गए थे। इसी दौरान वे वहां से गुजर रहे खुले और जर्जर बिजली तार की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वे गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर परिजन पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों ने की मुआवजा देने की मांग मृतक शिवनाथ महतो अपने पीछे चार अविवाहित बेटियां छोड़ गए हैं। उनके भाई भोला महतो ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और अब उनके निधन से पूरे परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने राज्य सरकार और बिजली विभाग से उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इधर, वार्ड पार्षद संतोष पासवान ने इस घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। जर्जर बिजली व्यवस्था पर गहरी नाराजगी उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की बैठकों में कई बार वार्ड के जर्जर बिजली तारों को बदलने और नए बिजली पोल लगाने की मांग उठाई गई थी, लेकिन विभाग ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की। पार्षद का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। स्थानीय लोगों ने भी इलाके की जर्जर बिजली व्यवस्था पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मोतिहारी में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर निगम वार्ड संख्या-8 में खुले और जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान वार्ड संख्या-8 निवासी शिवनाथ महतो के रूप में हुई है, जो पेशे से चापाकल मिस्त्री थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। भैंस बांधने गया था, तार की चपेट में आया जानकारी के अनुसार, शिवनाथ महतो सोमवार को अपने घर के पास भैंस बांधने के लिए गए थे। इसी दौरान वे वहां से गुजर रहे खुले और जर्जर बिजली तार की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वे गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर परिजन पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों ने की मुआवजा देने की मांग मृतक शिवनाथ महतो अपने पीछे चार अविवाहित बेटियां छोड़ गए हैं। उनके भाई भोला महतो ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और अब उनके निधन से पूरे परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने राज्य सरकार और बिजली विभाग से उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इधर, वार्ड पार्षद संतोष पासवान ने इस घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। जर्जर बिजली व्यवस्था पर गहरी नाराजगी उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की बैठकों में कई बार वार्ड के जर्जर बिजली तारों को बदलने और नए बिजली पोल लगाने की मांग उठाई गई थी, लेकिन विभाग ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की। पार्षद का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। स्थानीय लोगों ने भी इलाके की जर्जर बिजली व्यवस्था पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

