कनाडा में भागवत बोले- मदद करना भारत की परंपरा:विविधता ही हमारे देश की खूबसूरती, ‘ये मेरा, वह तुम्हारा’ की सोच से ऊपर उठना होगा

कनाडा में भागवत बोले- मदद करना भारत की परंपरा:विविधता ही हमारे देश की खूबसूरती, ‘ये मेरा, वह तुम्हारा’ की सोच से ऊपर उठना होगा

RSS प्रमुख मोहन भागवत सोमवार को टोरंटो में ‘हिंदू विश्व बंधु’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि मुश्किल वक्त में दूसरों की मदद करना भारत की पुरानी परंपरा रही है। दुनिया में कहीं भी संकट आया और भारत से मदद मांगी गई तो भारत ने कभी पीछे हटकर इनकार नहीं किया। कई बार भारत ने बिना मदद मांगे भी दूसरों की सहायता की है। भागवत ने कहा- भारत में विविधता एकता के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी खूबसूरती है। देश में अलग-अलग जाति, पंथ, भाषाएं और संस्कृतियां हैं, लेकिन ये सभी एक ही समाज का हिस्सा हैं। उन्होंने विविधता को स्वीकार करने और उसका सम्मान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ‘ये मेरा, वो तुम्हारा’ जैसी सोच से ऊपर उठने की जरूरत है। अलग-अलग रूप और पहचान के बावजूद सभी में एक ही दिव्यता है। इसलिए दूसरों को अलग या पराया मानने के बजाय सभी के साथ भाईचारे और सेवा की भावना रखनी चाहिए। भागवत बोले- भारत ने मुस्लिम-ईसाई सभी को स्वीकार किया भागवत ने कहा कि हिंदू सभी का सम्मान और स्वीकार करते हैं। दुनिया में कहीं किसी पर अत्याचार हुआ और उसने शरण मांगी, तो उसे भारत में जगह मिली। भारत में मुस्लिम, ईसाई, यहूदी, पारसी और दूसरे समुदाय रहते हैं। लोग सिर्फ शरण लेने ही नहीं, बल्कि ज्ञान हासिल करने के लिए भी भारत आए। उन्होंने कहा कि इंसान को फूल की तरह होना चाहिए। कली फूल बने और अपनी खुशबू पूरे वातावरण में फैलाए। इसी तरह व्यक्ति को विकसित होकर मानवता के लिए समर्पित होना चाहिए। एक हिंदू की सोच यह होनी चाहिए कि मुझे भी आगे बढ़ना है, मुझे सफल होना है, क्योंकि मुझे सेवा करनी है। भागवत के भाषण की 5 बड़ी बातें कार्यक्रम में 8 प्रांतों से पहुंचे 2,500 से ज्यादा लोग टोरंटो में ‘हिंदू विश्व बंधु’ कार्यक्रम का आयोजन कैनेडियन हिंदूज फॉर आउटरीच, रिलेशंस एंड डायलॉग (CHORD) ने किया था। कार्यक्रम में पूर्व कनाडाई रक्षा मंत्री और अल्बर्टा के पूर्व प्रीमियर जेसन केनी भी मौजूद थे। आयोजकों के मुताबिक, कनाडा के आठ प्रांतों से 2,500 से ज्यादा लोग पहुंचे। मोहन भागवत 17 दिनों के तीन देशों के विदेश दौरे पर हैं और कनाडा उनके दौरे का दूसरा पड़ाव है। वह 25 अगस्त को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। अमेरिका में कार्यक्रमों के बाद अब वे कनाडा पहुंचे हैं। दौरे में अमेरिका और कनाडा के बाद ब्रिटेन भी शामिल है। —————————— भागवत से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भागवत बोले- मुसलमानों को भारत से निकालना हिंदुत्व नहीं:धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक; सभी रास्ते ईश्वर तक जाते हैं RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा, ‘अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। हिंदू होने का मतलब यह मानना है कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा एक समान है।’ उन्होंने यह बात शनिवार को न्यूयॉर्क के ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में कही। पूरी खबर पढ़ें… न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम से पहले तिरंगे का अपमान, रिजिजू बोले- RSS या भाजपा की आलोचना करने की आजादी लेकिन देश का अपमान महंगा पड़ेगा केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम स्थल के बाहर भारतीय झंडे के अपमान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रिजिजू ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- हमने हमेशा कहा है कि RSS, BJP या सरकार की आलोचना करने की आजादी है, लेकिन हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। यह बहुत महंगा पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें…

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