मुजफ्फरपुर में नदियां खतरे के निशान से नीचे:16 पंचायतों पर प्रशासन की खास नजर, तीन दिन से हो रही मॉनिटरिंग

मुजफ्फरपुर में नदियां खतरे के निशान से नीचे:16 पंचायतों पर प्रशासन की खास नजर, तीन दिन से हो रही मॉनिटरिंग

नेपाल में पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों को अलर्ट मोड पर रखा गया था। इसके मद्देनजर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। जिले से गुजरने वाली तीन महत्वपूर्ण नदियों बूढ़ी गंडक, बागमती और गंडक के जलस्तर पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन केंद्र की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही थी। हालांकि, पिछले तीन दिनों की मॉनिटरिंग के बाद फिलहाल जिले की किसी भी नदी में बाढ़ जैसी स्थिति सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन की ओर से 26 अगस्त को माइकिंग कर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया था। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था। प्रशासन की टीम लगातार संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण भी कर रही थी। नेपाल में बाढ़ के बाद खास तौर पर गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही थी। मुजफ्फरपुर के पारू, सरैया और साहेबगंज प्रखंड के करीब 16 पंचायत गंडक नदी के प्रभाव से प्रभावित हो सकते थे। इसे देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने इन प्रखंड क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। खतरे के निशान से 1.10 मीटर नीचे गंडक मुजफ्फरपुर में गंडक नदी का जलस्तर पिछले तीन दिनों में करीब 53.31 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का खतरे का निशान 54.41 मीटर है। यानी गंडक नदी फिलहाल खतरे के निशान से करीब 1.10 मीटर नीचे बह रही है। पिछले दो-तीन दिनों में जलस्तर में पांच से छह सेंटीमीटर तक का उतार-चढ़ाव जरूर दर्ज किया गया, लेकिन कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। वहीं, बागमती नदी का जलस्तर फिलहाल 53.55 मीटर है, जबकि इसका खतरे का निशान 55 मीटर निर्धारित है। इसी तरह बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 47.02 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसके खतरे का निशान 52.53 मीटर है। निचले इलाकों में भी पानी का प्रवेश नहीं तीनों प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण फिलहाल मुजफ्फरपुर में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। निचले इलाकों में भी नदी का पानी प्रवेश नहीं किया है। प्रशासन की सक्रियता और लगातार निगरानी के बीच जिले में स्थिति सामान्य बनी हुई है। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि जिले की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। नेपाल में पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों को अलर्ट मोड पर रखा गया था। इसके मद्देनजर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। जिले से गुजरने वाली तीन महत्वपूर्ण नदियों बूढ़ी गंडक, बागमती और गंडक के जलस्तर पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन केंद्र की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही थी। हालांकि, पिछले तीन दिनों की मॉनिटरिंग के बाद फिलहाल जिले की किसी भी नदी में बाढ़ जैसी स्थिति सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन की ओर से 26 अगस्त को माइकिंग कर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया था। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था। प्रशासन की टीम लगातार संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण भी कर रही थी। नेपाल में बाढ़ के बाद खास तौर पर गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही थी। मुजफ्फरपुर के पारू, सरैया और साहेबगंज प्रखंड के करीब 16 पंचायत गंडक नदी के प्रभाव से प्रभावित हो सकते थे। इसे देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने इन प्रखंड क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। खतरे के निशान से 1.10 मीटर नीचे गंडक मुजफ्फरपुर में गंडक नदी का जलस्तर पिछले तीन दिनों में करीब 53.31 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का खतरे का निशान 54.41 मीटर है। यानी गंडक नदी फिलहाल खतरे के निशान से करीब 1.10 मीटर नीचे बह रही है। पिछले दो-तीन दिनों में जलस्तर में पांच से छह सेंटीमीटर तक का उतार-चढ़ाव जरूर दर्ज किया गया, लेकिन कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। वहीं, बागमती नदी का जलस्तर फिलहाल 53.55 मीटर है, जबकि इसका खतरे का निशान 55 मीटर निर्धारित है। इसी तरह बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 47.02 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसके खतरे का निशान 52.53 मीटर है। निचले इलाकों में भी पानी का प्रवेश नहीं तीनों प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण फिलहाल मुजफ्फरपुर में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। निचले इलाकों में भी नदी का पानी प्रवेश नहीं किया है। प्रशासन की सक्रियता और लगातार निगरानी के बीच जिले में स्थिति सामान्य बनी हुई है। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि जिले की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।  

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