मुजफ्फरपुर में चहारदीवारी और मकानों में तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने अब तक 28 केस दर्ज किए हैं। 7 की गिरफ्तारी हुई है। दो एफआईआर 29 अगस्त को हुई थी। इसी दिन 7वीं गिरफ्तारी जेसीबी मालिक सुबोध की हुई थी। इसी की जेसीबी से चहारदीवारी तोड़ी गई थी। वहीं, एफआईआर करने वाले आशा देवी और विजय कुमार हैं। दोनों ने अपनी-अपनी प्राथमिकी में बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू को नामजद किया है। अब तक विधायक पर 10 मामले दर्ज हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष के आवेदन पर शुरुआत में 22 मामले दर्ज किए गए थे। बाद में छापेमारी और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर छह और प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जानकारी रविवार को एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा ने दी है। विधायक की मां सुधा देवी के नाम जमीन की रजिस्ट्री ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में आशा देवी ने जमीन कब्जा गिरोह के खिलाफ आवेदन दिया। इसके आधार पर ब्रह्मपुरा थाना कांड संख्या 259/26 दर्ज किया गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि कोल्हुआ पैगंबरपुर स्थित उनकी और उनके पति की जमीन के कागजात में धोखाधड़ी और जालसाजी कर 35 लाख रुपए का बिक्री दस्तावेज तैयार किया गया, लेकिन उन्हें कोई राशि नहीं मिली। इस मामले में राहुल ठाकुर, उज्ज्वल कुमार पांडेय, कार्तिक कुमार, बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू कुमार उर्फ अभिनव को नामजद किया गया है। महिला ने बैरिया स्थित अपने छह कमरों के मकान में भी तोड़फोड़ और जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, जमीन के क्रय-विक्रय दस्तावेजों की जांच में आगे की रजिस्ट्री से जुड़े कागजात सामने आए हैं, जिनमें विधायक की मां सुधा देवी के नाम तीन डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री भी दर्शाई गई है।
फर्जी दाखिल-खारिज का आरोप
अहियापुर थाना क्षेत्र के शाहबाजपुर में विजय कुमार ने अपनी करीब 70 डिसमिल पुश्तैनी और खतियानी जमीन को लेकर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि कृष्णनंदन पासवान के नाम दस्तावेज के आधार पर दाखिल-खारिज कराया गया।
इसके बाद उसी जमीन को बेलसंड विधायक के भाई अभिनव कुमार, अरविंद कुमार मेहता और तुषार सिंह के नाम से पंजीकृत दिखाकर दोबारा दाखिल-खारिज कराने का आरोप लगाया गया है। एसडीपीओ के अनुसार, जांच में राजस्व कर्मचारी की ओर से गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर दाखिल-खारिज कराने की बात सामने आई है। इस मामले को लेकर भूमि उप समाहर्ता के समक्ष भी वाद चल रहा है। विजय कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाने में नया मामला दर्ज किया गया है।
तोड़फोड़ के लिए 4,500 रुपए में जेसीबी किराए पर ली थी पुलिस ने तोड़फोड़ में इस्तेमाल किए गए जेसीबी के मालिक सुबोध राय को भी गिरफ्तार किया है। उसे लश्करीपुर से पकड़ा गया। पूछताछ में सुबोध राय ने बताया कि 20 अगस्त को अमित सिंह नाम के व्यक्ति ने 4,500 रुपए में जेसीबी किराए पर ली थी। पुलिस के अनुसार, तोड़फोड़ के दौरान जेसीबी मालिक भी घटनास्थल पर मौजूद था। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
सभी मामलों में एसआईटी जांच कर रही है एसडीपीओ विनीता सिन्हा ने बताया कि आगे कानूनी प्रावधानों के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस फिलहाल तोड़फोड़, भूमि कब्जे, फर्जी दस्तावेज और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े सभी मामलों की अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। अब तक 7 हो चुके हैं गिरफ्तार नन्हे सिंह और छोटू यादव ये दोनों विधायक के बेलसंड ऑफिस से हथियार के साथ धराए थे। सुमित कुमार श्रीवास्तव और सनी सिंह ये दोनों मौके से गिरफ्तार हुए थे। जहां तोड़फोड़ किया गया था। शिवहर का विकास राठौड़ अहियापुर के अयाचीग्राम में किराए के मकान में रहता था। शराब का काम करता था। विधायक के लोगों के साथ उठना-बैठना था। इसके किराए के मकान से शराब मिली थी। जिसके बाद इसे भी गिरफ्तार किया गया था। आनंद कुमार इसकी गिरफ्तारी अहियापुर से हुई थी। अज्ञात लोगों के सत्यापन में इसका नाम सामने आया था। वहीं, अब जेसीबी मालिक सुबोध की गिरफ्तारी हुई है। मुजफ्फरपुर में चहारदीवारी और मकानों में तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने अब तक 28 केस दर्ज किए हैं। 7 की गिरफ्तारी हुई है। दो एफआईआर 29 अगस्त को हुई थी। इसी दिन 7वीं गिरफ्तारी जेसीबी मालिक सुबोध की हुई थी। इसी की जेसीबी से चहारदीवारी तोड़ी गई थी। वहीं, एफआईआर करने वाले आशा देवी और विजय कुमार हैं। दोनों ने अपनी-अपनी प्राथमिकी में बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू को नामजद किया है। अब तक विधायक पर 10 मामले दर्ज हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष के आवेदन पर शुरुआत में 22 मामले दर्ज किए गए थे। बाद में छापेमारी और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर छह और प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जानकारी रविवार को एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा ने दी है। विधायक की मां सुधा देवी के नाम जमीन की रजिस्ट्री ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में आशा देवी ने जमीन कब्जा गिरोह के खिलाफ आवेदन दिया। इसके आधार पर ब्रह्मपुरा थाना कांड संख्या 259/26 दर्ज किया गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि कोल्हुआ पैगंबरपुर स्थित उनकी और उनके पति की जमीन के कागजात में धोखाधड़ी और जालसाजी कर 35 लाख रुपए का बिक्री दस्तावेज तैयार किया गया, लेकिन उन्हें कोई राशि नहीं मिली। इस मामले में राहुल ठाकुर, उज्ज्वल कुमार पांडेय, कार्तिक कुमार, बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू कुमार उर्फ अभिनव को नामजद किया गया है। महिला ने बैरिया स्थित अपने छह कमरों के मकान में भी तोड़फोड़ और जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, जमीन के क्रय-विक्रय दस्तावेजों की जांच में आगे की रजिस्ट्री से जुड़े कागजात सामने आए हैं, जिनमें विधायक की मां सुधा देवी के नाम तीन डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री भी दर्शाई गई है।
फर्जी दाखिल-खारिज का आरोप
अहियापुर थाना क्षेत्र के शाहबाजपुर में विजय कुमार ने अपनी करीब 70 डिसमिल पुश्तैनी और खतियानी जमीन को लेकर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि कृष्णनंदन पासवान के नाम दस्तावेज के आधार पर दाखिल-खारिज कराया गया।
इसके बाद उसी जमीन को बेलसंड विधायक के भाई अभिनव कुमार, अरविंद कुमार मेहता और तुषार सिंह के नाम से पंजीकृत दिखाकर दोबारा दाखिल-खारिज कराने का आरोप लगाया गया है। एसडीपीओ के अनुसार, जांच में राजस्व कर्मचारी की ओर से गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर दाखिल-खारिज कराने की बात सामने आई है। इस मामले को लेकर भूमि उप समाहर्ता के समक्ष भी वाद चल रहा है। विजय कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाने में नया मामला दर्ज किया गया है।
तोड़फोड़ के लिए 4,500 रुपए में जेसीबी किराए पर ली थी पुलिस ने तोड़फोड़ में इस्तेमाल किए गए जेसीबी के मालिक सुबोध राय को भी गिरफ्तार किया है। उसे लश्करीपुर से पकड़ा गया। पूछताछ में सुबोध राय ने बताया कि 20 अगस्त को अमित सिंह नाम के व्यक्ति ने 4,500 रुपए में जेसीबी किराए पर ली थी। पुलिस के अनुसार, तोड़फोड़ के दौरान जेसीबी मालिक भी घटनास्थल पर मौजूद था। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
सभी मामलों में एसआईटी जांच कर रही है एसडीपीओ विनीता सिन्हा ने बताया कि आगे कानूनी प्रावधानों के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस फिलहाल तोड़फोड़, भूमि कब्जे, फर्जी दस्तावेज और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े सभी मामलों की अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। अब तक 7 हो चुके हैं गिरफ्तार नन्हे सिंह और छोटू यादव ये दोनों विधायक के बेलसंड ऑफिस से हथियार के साथ धराए थे। सुमित कुमार श्रीवास्तव और सनी सिंह ये दोनों मौके से गिरफ्तार हुए थे। जहां तोड़फोड़ किया गया था। शिवहर का विकास राठौड़ अहियापुर के अयाचीग्राम में किराए के मकान में रहता था। शराब का काम करता था। विधायक के लोगों के साथ उठना-बैठना था। इसके किराए के मकान से शराब मिली थी। जिसके बाद इसे भी गिरफ्तार किया गया था। आनंद कुमार इसकी गिरफ्तारी अहियापुर से हुई थी। अज्ञात लोगों के सत्यापन में इसका नाम सामने आया था। वहीं, अब जेसीबी मालिक सुबोध की गिरफ्तारी हुई है।

