कटिहार में पूर्व नशाग्रस्त युवाओं ने किया रक्तदान:नशे की लत छोड़ अब बचा रहे मरीजों की जान

कटिहार में पूर्व नशाग्रस्त युवाओं ने किया रक्तदान:नशे की लत छोड़ अब बचा रहे मरीजों की जान

कटिहार में पूर्व नशाग्रस्त युवाओं ने समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाया है। जिन हाथों में कभी नशे का सामान होता था, वे अब जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने के लिए रक्तदान कर रहे हैं। हाल ही में आयोजित एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में इन युवाओं ने नशामुक्ति और मानव सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल और कटिहार राइडर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। सुप्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. राजीव जायसवाल के जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल में हुए इस शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कुल 25 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। शिविर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें उन युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो कभी नशे की लत से ग्रस्त थे। इन युवाओं ने नशे को पूरी तरह त्यागकर अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प लिया है। रक्तदान के माध्यम से उन्होंने न केवल जरूरतमंद मरीजों की सहायता की, बल्कि यह भी दर्शाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और उचित मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कटिहार राइडर्स के संस्थापक अमितेश रंजन ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना और उन्हें समाजसेवा से जोड़ना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि युवा शक्ति सही दिशा में कार्य करे तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। डॉ. राजीव जायसवाल ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि ऐसे शिविरों का लक्ष्य लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान देना है। शिविर के संयोजक एवं समाजसेवी अमित जायसवाल विक्की ने टिप्पणी की, “जो हाथ कभी नशे में डूबे थे, आज वही हाथ किसी की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान कर रहे हैं। यह बदलाव की एक बड़ी तस्वीर है।” उन्होंने आगे कहा कि नशे से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कटिहार में पूर्व नशाग्रस्त युवाओं ने समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाया है। जिन हाथों में कभी नशे का सामान होता था, वे अब जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने के लिए रक्तदान कर रहे हैं। हाल ही में आयोजित एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में इन युवाओं ने नशामुक्ति और मानव सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल और कटिहार राइडर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। सुप्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. राजीव जायसवाल के जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल में हुए इस शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कुल 25 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। शिविर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें उन युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो कभी नशे की लत से ग्रस्त थे। इन युवाओं ने नशे को पूरी तरह त्यागकर अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प लिया है। रक्तदान के माध्यम से उन्होंने न केवल जरूरतमंद मरीजों की सहायता की, बल्कि यह भी दर्शाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और उचित मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कटिहार राइडर्स के संस्थापक अमितेश रंजन ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना और उन्हें समाजसेवा से जोड़ना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि युवा शक्ति सही दिशा में कार्य करे तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। डॉ. राजीव जायसवाल ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि ऐसे शिविरों का लक्ष्य लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान देना है। शिविर के संयोजक एवं समाजसेवी अमित जायसवाल विक्की ने टिप्पणी की, “जो हाथ कभी नशे में डूबे थे, आज वही हाथ किसी की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान कर रहे हैं। यह बदलाव की एक बड़ी तस्वीर है।” उन्होंने आगे कहा कि नशे से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *