मुंगेर में रविंद्र प्रसाद सिंह जिला फुटबॉल लीग का फाइनल मुकाबला रोमांचक रहा। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की स्मृति में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस लीग में शंकर स्पोर्टिंग धरहरा ने देवघरा की टीम को पेनल्टी शूटआउट (टाई-ब्रेकर) में 3-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला चला और कोई गोल नहीं हो सका। पहले और दूसरे हाफ में भी दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं, जिसके बाद मुकाबले का फैसला टाई-ब्रेकर से हुआ। इसमें धरहरा की टीम ने बाजी मार ली। फाइनल मुकाबले की एक खास बात यह रही कि देवघरा की ओर से जिलाधिकारी निखिल धनराज और शंकर स्पोर्टिंग धरहरा की ओर से जिला खेल पदाधिकारी कमल किशोर मैदान में उतरे। अधिकारियों के मैदान पर उतरने से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा और हजारों की संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचे। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए रहेंगे समर्पित इस अवसर पर डीएम निखिल धनराज ने कहा कि वे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा समर्पित रहेंगे। उन्होंने खेल को अनुशासन सिखाने वाला और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला बताया। डीएम ने आयोजन के लिए जिला फुटबॉल एसोसिएशन को धन्यवाद दिया। मैच के दौरान उनकी पत्नी और बच्चे भी मौजूद थे। रेल एसपी विद्या सागर ने भी आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता आमिर भाई के साथ रनिंग कमेंट्री कर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। निर्णायक मंडली में मोहम्मद सलाम, राम रक्षा यादव, मोहम्मद रजी अहमद और राहुल कुमार शामिल थे। मुख्य संरक्षक के रूप में किया सम्मानित पुरस्कार वितरण समारोह में धरहरा के अमरेंद्र कुमार को ‘बेस्ट 22’ का पुरस्कार मिला, जबकि धरहरा के गोलकीपर को ‘बेस्ट गोलकीपर’ का अवार्ड दिया गया। जिला फुटबॉल संघ ने डीएम निखिल धनराज को लाइफ टाइम संरक्षक एवं मुख्य संरक्षक के रूप में सम्मानित किया। आयोजन में स्व. रविंद्र प्रसाद सिंह के तीनों पुत्र संजीव कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह और जिला फुटबॉल एसोसिएशन के भावेश कुमार सिंह मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी संजीव कुमार सिंह ने कहा कि आगे बढ़ने पर कई बाधाएं आती हैं, लेकिन मन में लगन और ईमानदारी हो तो सफलता निश्चित मिलती है। मुंगेर में रविंद्र प्रसाद सिंह जिला फुटबॉल लीग का फाइनल मुकाबला रोमांचक रहा। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की स्मृति में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस लीग में शंकर स्पोर्टिंग धरहरा ने देवघरा की टीम को पेनल्टी शूटआउट (टाई-ब्रेकर) में 3-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला चला और कोई गोल नहीं हो सका। पहले और दूसरे हाफ में भी दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं, जिसके बाद मुकाबले का फैसला टाई-ब्रेकर से हुआ। इसमें धरहरा की टीम ने बाजी मार ली। फाइनल मुकाबले की एक खास बात यह रही कि देवघरा की ओर से जिलाधिकारी निखिल धनराज और शंकर स्पोर्टिंग धरहरा की ओर से जिला खेल पदाधिकारी कमल किशोर मैदान में उतरे। अधिकारियों के मैदान पर उतरने से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा और हजारों की संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचे। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए रहेंगे समर्पित इस अवसर पर डीएम निखिल धनराज ने कहा कि वे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा समर्पित रहेंगे। उन्होंने खेल को अनुशासन सिखाने वाला और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला बताया। डीएम ने आयोजन के लिए जिला फुटबॉल एसोसिएशन को धन्यवाद दिया। मैच के दौरान उनकी पत्नी और बच्चे भी मौजूद थे। रेल एसपी विद्या सागर ने भी आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता आमिर भाई के साथ रनिंग कमेंट्री कर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। निर्णायक मंडली में मोहम्मद सलाम, राम रक्षा यादव, मोहम्मद रजी अहमद और राहुल कुमार शामिल थे। मुख्य संरक्षक के रूप में किया सम्मानित पुरस्कार वितरण समारोह में धरहरा के अमरेंद्र कुमार को ‘बेस्ट 22’ का पुरस्कार मिला, जबकि धरहरा के गोलकीपर को ‘बेस्ट गोलकीपर’ का अवार्ड दिया गया। जिला फुटबॉल संघ ने डीएम निखिल धनराज को लाइफ टाइम संरक्षक एवं मुख्य संरक्षक के रूप में सम्मानित किया। आयोजन में स्व. रविंद्र प्रसाद सिंह के तीनों पुत्र संजीव कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह और जिला फुटबॉल एसोसिएशन के भावेश कुमार सिंह मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी संजीव कुमार सिंह ने कहा कि आगे बढ़ने पर कई बाधाएं आती हैं, लेकिन मन में लगन और ईमानदारी हो तो सफलता निश्चित मिलती है।

