कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा कि सरकार के सामने रखी गईं चार में से तीन मांगें अब भी लंबित हैं। पोस्ट में छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की गई है। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि इसमें FIR वापस लेने और छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की मांग भी शामिल है। RAF और दिल्ली पुलिस से माफी मांगने की बात भी कही गई थी। CJP 5 सितंबर को फिर से दिल्ली में मार्च निकालने वाली है। उन्होंने लोगों से इसमें शामिल होने की भी अपील की। CJP ने नीट पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी की मांगों को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। 25 जुलाई को सरकार से आश्वासन मिलने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना आंदोलन खत्म किया था। CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने 25 जुलाई को ही केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की थी। इसमें सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच मांगों पर सहमति बनी थी। CJP का मार्च दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। इसमें उन स्टूडेंट्स के परिजन भी शामिल होंगे, जिन्होंने NEET पेपर लीक के बाद सुसाइड किया था। इससे पहले CJP ने 20 जुलाई को भी जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। 24 अगस्त को CJP ने अपनी वर्किंग कमेटी की वर्चुअल मीटिंग के बाद यह फैसला लिया था। पार्टी ने कहा कि सरकार ने कहा था कि छात्रों पर दर्ज केस खत्म होंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। उन्हें हमारे धैर्य को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। 20 जुलाई को CJP ने किया था संसद मार्च 20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी परमिशन नहीं दी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया था। जंतर-मंतर पर पुलिस एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी बनाई थी सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यों की हाई पावर्ड कमेटी के नामों का ऐलान किया था। कमेटी का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को बनाया गया था। इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड DGP डॉ. एलआर बिश्नोई शामिल हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी बोली- हमारी 3 मांगें पूरी नहीं हुई:कहा- सरकार ने छात्रों के परिवारों को मुआवजा नहीं दिया, FIR वापसी और माफी भी बाकी

