कानपुर विमान हादसे से पहले डीजीसीए ने जारी की थी सुरक्षा चेतावनी

कानपुर विमान हादसे से पहले डीजीसीए ने जारी की थी सुरक्षा चेतावनी

किशोर द्विवेदी
लखनऊ, 30 अगस्त कानपुर में टेक्नम पी2006टी प्रशिक्षण विमान दुर्घटना से एक महीने से अधिक समय पहले विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने टेक्नम विमानों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को उठाया था। इस दुर्घटना में एक प्रशिक्षु पायलट और एक प्रशिक्षक की मौत हो गई थी। डीजीसीए ने टेक्नम विमानों को लेकर उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) के लिए सुरक्षा संबंधी सिफारिशें भी जारी की थीं और उन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा था।

‘पीटीआई-भाषा’ को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार डीजीसीए ने 2025 से अब तक कम से कम दो बार टेक्नम विमानों को लेकर उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) को आगाह किया था। भारत में ये विमान मुख्य रूप से प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल होते हैं। ताजा पत्र 10 जुलाई 2026 को जारी किया गया था।

इसमें विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की उस रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, जो हरियाणा के भिवानी में 12 मई 2022 को एफएसटीसी फ्लाइंग स्कूल के टेक्नम पी2006टी विमान हादसे की जांच के बाद आई थी। ईमेल में डीजीसीए ने कहा था, गर्मियों में प्रशिक्षण उड़ान से पहले टेक्नम विमानों को लंबे समय तक एप्रन/टारमैक पर खड़ा करने से बचा जाए। साथ ही उसने कहा था, टेक्नम विमानों पर उड़ान के महत्वपूर्ण चरणों के दौरान आपात स्थिति से निपटने के प्रशिक्षण पर अधिक जोर दिया जाए और आपात स्थिति के लिए कंपनी द्वारा सुझाए गए सभी उपायों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।

इससे पहले भी डीजीसीए ने टेक्नम विमानों के संचालन प्रदर्शन पर एफटीओ से फीडबैक मांगा था। चार अगस्त 2025 को भेजे गए रिमाइंडर ईमेल में इसका उल्लेख था। ईमेल में कहा गया है कि संचार 2022 की भिवानी दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट पर आधारित था।

नाम न बताने की शर्त पर एक फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कई प्रशिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, डायमंड और सेसना विमान लंबे समय से उड़ाए जा रहे हैं और उनकी विश्वसनीयता बेहतर है। टेक्नम सस्ता होने के कारण लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन इससे जुड़ा जोखिम भी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि डीजीसीए को टेक्नम विमानों की उड़ान अस्थायी रूप से रोककर उनकी सुरक्षा की पूरी जांच करानी चाहिए। गौरतलब है कि 27 अगस्त को गर्ग एविएशन का टेक्नम पी2006टी विमान (वीटी-एनबीवी) कानपुर से सुबह करीब 11:30 बजे उड़ा था और करीब 20 मिनट बाद गंगा किनारे नाथापुरवा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और प्रशिक्षु पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हो गई थी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि एएआईबी हादसे की विस्तृत जांच करेगा, जबकि डीजीसीए की तीन सदस्यीय टीम नियामक निगरानी करेगी। माना जा रहा है जांच में विमान के रखरखाव और उड़ान भरने की क्षमता के रिकॉर्ड, उड़ान के घंटे, उम्र और इंजन की ‘ऑपरेटिंग लिमिट’ की जांच की जाएगी। साथ ही, यह भी पता लगाया जाएगा कि हादसे में तकनीकी या मानवीय कारणों की क्या भूमिका थी।

हादसे के बाद गर्ग एविएशन ने कहा था कि विमान में रखरखाव से जुड़ी कोई कमी नहीं थी।

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