अजमेर जिले में मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ गया है। रविवार सुबह से धूप खिली हुई है और गर्मी और उमस का एहसास हो रहा है। फिलहाल बारिश का दौर थमा हुआ है, लेकिन सुबह 8:30 बजे तक जिले में कोई बारिश दर्ज नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को सुबह भी शनिवार सुबह की तरह न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने पर तापमान और गर्मी बढ़ने की संभावना है। सामान्य से 8% ज्यादा बारिश, लेकिन पिछले साल से आंकड़ा कम मानसून सीजन में अब तक अजमेर जिले में 419.0 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 385 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह सामान्य से 34 मिमी ज्यादा बारिश हुई है, जो 8% अधिक है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश का आंकड़ा काफी कम है। मानसून के दौरान हुई बारिश में उतार-चढ़ाव के चलते जिले के कई इलाकों में अभी भी बारिश का इंतजार बना हुआ है। बादल आते-जाते रहे, बारिश का इंतजार रविवार सुबह मौसम का मिजाज भी कुछ ऐसा ही रहा। आसमान में बादल दिखाई दिए, लेकिन बारिश नहीं हुई। बादलों के बीच धूप निकलने से तापमान बढ़ने लगा। मौसम में यह बदलाव मानसून की कमजोर गतिविधि को दर्शा रहा है। आने वाले दिनों में बारिश होने पर ही मौसम में फिर से ठंडक लौटने की उम्मीद है। अगस्त में गर्मी और ठंड, दोनों के अनोखे रिकॉर्ड अजमेर में अगस्त ने सिर्फ बारिश ही नहीं, तापमान के भी कई अनोखे रिकॉर्ड बनाए हैं। 19 अगस्त 1987 को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 19 अगस्त 1973 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह तापमान अगस्त में दिसंबर जैसी ठंड का एहसास कराने वाला रिकॉर्ड माना जाता है।

