Nepal flash floods: नेपाल में 26 अगस्त को भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस बीच भारत ने रविवार को नेपाल के लिए अपनी चौथी राहत उड़ान भेजी। विमान 11 टन जरूरी राहत सामग्री के साथ काठमांडू पहुंचा। इसके अलावा सुरंगों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए विशेषज्ञ टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी नेपाल पहुंचे हैं।
राहत सामग्री में क्या-क्या भेजा गया?
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने चौथी राहत खेप की जानकारी दी। इसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी सामग्री शामिल है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए इन सामानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत की ओर से भेजी गई यह खेप केवल मानवीय सहायता तक सीमित नहीं है। विमान में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी पहुंची है, जिसे जटिल सुरंगों में खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए विशेष उपकरणों से लैस किया गया है।
DNA जांच में भी मदद करेंगे फोरेंसिक विशेषज्ञ
चौथी राहत उड़ान में फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी नेपाल पहुंची है। इनके पास डीएनए विश्लेषण के लिए विशेष उपकरण हैं। टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान और फोरेंसिक जांच में मदद करेगी।
68.5 टन राहत सामग्री पहुंचा चुका है भारत
भारत अब तक हवाई मार्ग से कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचा चुका है। इसमें जरूरी दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और भारी तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी भारत की सहायता के बारे में जानकारी दी है। उनके मुताबिक, 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए उपकरणों से लदे 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज के लिए उपकरण जल्द भेजे जाएंगे। इनके साथ तकनीकी टीमें भी भेजी जाएंगी।
88 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 88 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है, जबकि 120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल पहुंच चुके हैं। इस ब (NDRRMA) ने भोटे कोशी नदी में पानी का बहाव और नदी की आवाज अचानक बढ़ने के बाद अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत टीमों से बेहद सतर्क रहने की अपील की गई है।



Additional technical contingent along with equipment for tunnel search & rescue operations.