गोरखपुर जिला महिला अस्पताल में बढ़ेगी इमरजेंसी सुविधा:रात में सिजेरियन के लिए डॉक्टर की होगी तैनाती, HPV का 400 फ्री डोज उपलब्ध

गोरखपुर जिला महिला अस्पताल में बढ़ेगी इमरजेंसी सुविधा:रात में सिजेरियन के लिए डॉक्टर की होगी तैनाती, HPV का 400 फ्री डोज उपलब्ध

गोरखपुर जिला महिला अस्पताल में आने वाली मरीज महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को अब और बेहतर इलाज मिलेगा। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने और जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। अब अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ‘ट्राइज रूम’ बनाया जा रहा है, जिससे गंभीर मरीजों को बिना देरी के तुरंत इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा अस्पताल में नई एआई (AI) मशीन से फ्री ब्लड टेस्ट, फ्री एचपीवी और इन्फ्लुएंजा वैक्सीन की सुविधा भी शुरू की गई है। अस्पताल के SIC डॉ. अनिल कुमार झा ने बताया कि इन सभी व्यवस्थाओं का मकसद मरीजों को बिना किसी परेशानी के तुरंत और सस्ता इलाज देना है ताकि उन्हें बाहर के प्राइवेट लैब में महंगे दाम न चुकाने पड़ें। ट्राइज रूम में मरीज की हालत देखकर तुरंत होगा इलाज
महिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को तुरंत देखभाल देने के लिए ट्राइज रूम की शुरुआत की जा रही है। इस रूम में मरीजों को उनकी बीमारी और हालत की गंभीरता के हिसाब से तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जाएगा। जिन महिला मरीजों की हालत सामान्य है या जिन्हें हल्की-फुल्की समस्या है, उन्हें ग्रीन कैटेगरी में रखकर बेसिक इलाज दिया जाएगा। जिन मरीजों की हालत थोड़ी खराब है और जिन्हें डॉक्टरों की निगरानी और दवा की तुरंत जरूरत है, उन्हें येलो कैटेगरी में भर्ती किया जाएगा। वहीं जिन मरीजों की हालत बहुत ज्यादा गंभीर होगी, उन्हें तुरंत रेड कैटेगरी में शिफ्ट करके इमरजेंसी मेडिकल केयर दी जाएगी। SIC का कहना है कि ट्राइज रूम में सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं मौजूद रहेंगी। इससे गंभीर मरीजों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा और बिना समय गंवाए उनका तुरंत इलाज शुरू हो सकेगा।
रात में सिजेरियन के लिए लेडी डॉक्टर की तैनाती
रात के समय अक्सर गर्भवती महिलाओं के अचानक गंभीर केस आ जाते हैं, जिसकी वजह से उन्हें दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। अब इस समस्या को खत्म करने के लिए जिला महिला अस्पताल प्रशासन ने रात की ड्यूटी में एक महिला डॉक्टर की स्पेशल तैनाती करने का फैसला लिया है। जिससे रात में भी अगर कोई क्रिटिकल केस या इमरजेंसी डिलीवरी का मामला आता है, तो लेडी डॉक्टर तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन कर सकेंगी। इससे महिला और नवजात बच्चे दोनों की जान समय पर बचाई जा सकेगी और मरीजों को दूसरे अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। AI मशीन से 1 मिनट में फ्री ब्लड टेस्ट
इसके अलावा हाल ही में अस्पताल में एक एडवांस एआई मशीन लगाई गई है। इस मशीन से खून से जुड़ी कई तरह की जांचें बिल्कुल फ्री में की जा रही हैं। इसमें एनीमिया (खून की कमी), डेंगू, मलेरिया और अन्य जरूरी ब्लड टेस्ट शामिल हैं। बाहर के प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में इन्हीं टेस्ट के लिए मरीजों से 500 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक वसूले जाते हैं और रिपोर्ट आने में भी कई घंटे या दिन लग जाते हैं। जबकि इस एआई मशीन से महज 1 से 1.5 मिनट (डेढ़ मिनट) के अंदर एकदम सटीक रिपोर्ट आ जाती है। SIC डॉ. अनिल कुमार झा ने निर्देश दिए हैं कि इस मशीन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाए और रोजाना कम से कम 100 मरीजों की जांच इस मशीन से की जाए। जिससे मरीजों के हजारों रुपये बचेंगे और 1 मिनट में रिपोर्ट मिलने से डॉक्टर तुरंत सही इलाज शुरू कर सकेंगे। फ्री HPV वैक्सीन से होगी सर्वाइकल कैंसर से बचाव
वहीं अस्पताल में एचपीवी (HPV) की 400 डोज बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध हैं। बाहर या प्राइवेट क्लिनिक में इस एक वैक्सीन की कीमत लगभग 3,500 रुपये से 4,000 रुपये तक होती है। 14 से 15 साल तक की कोई भी लड़की अस्पताल जाकर यह वैक्सीन लगवा सकती है। एचपीवी वैक्सीन क्यों लगवाते हैं?
एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन महिलाओं को ‘सर्वाइकल कैंसर’ (गर्भाशय के मुंह का कैंसर) से बचाती है। कम उम्र (14-15 साल) में यह वैक्सीन लगवाने से लड़कियों में भविष्य में कैंसर होने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। गरीब और मध्यम वर्ग की लड़कियों को 4,000 रुपये की महंगी वैक्सीन अस्पताल में बिना कोई पैसा दिए फ्री में मिल जाएगी, जिससे वे जानलेवा कैंसर से सुरक्षित रहेंगी। इन्फ्लुएंजा (Flu) वैक्सीन की मुफ्त सुविधा
SIC डॉ. अनिल झा ने बताया कि मौसम बदलने के साथ ही वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए CMO की ओर से अस्पताल में इन्फ्लुएंजा वैक्सीन की 27 डोज उपलब्ध कराई गई हैं। कोई भी जरूरतमंद मरीज या महिला अस्पताल जाकर इसे लगवा सकती है। इन्फ्लुएंजा वैक्सीन क्यों लगवाते हैं?
इन्फ्लुएंजा वैक्सीन शरीर की रोग इम्युनिटी बढ़ाती है। यह सांस से जुड़े गंभीर इंफेक्शन, तेज बुखार, खांसी और स्वाइन फ्लू जैसे खतरनाक वायरल इंफेक्शन से बचाती है। गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए यह बहुत फायदेमंद होती है। इससे बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ने और फेफड़ों के इंफेक्शन से बचाव होगा। SIC डॉ. अनिल कुमार झा ने बताया कि सरकार और अस्पताल प्रशासन की प्राथमिकता है कि हर मरीज को समय पर बेहतर और मुफ्त सुविधाएं मिलें। उन्होंने आम जनता और मरीजों से अपील की है कि वे अस्पताल में मिलने वाली फ्री जांच और फ्री वैक्सीनेशन की इन सुविधाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।

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