समस्तीपुर शहर में 29 अगस्त 2026, शनिवार को हुई हल्की वर्षा ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के दर्जनों मोहल्लों में जलजमाव हो गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। विवेक विहार, आजाद नगर, आदर्श नगर, बारह पत्थर और सरोजनी गली जैसे इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई और पैदल चलने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश में ही सड़कों और गलियों में पानी भर जाना नगर निगम की लापरवाही का परिणाम है। कई क्षेत्रों में नालों की सफाई न होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था के अभाव में बारिश का पानी घंटों जमा रहा, जिससे लोगों को घरों से निकलने और दैनिक कार्यों में कठिनाई हुई। सामाजिक कार्यकर्ता और भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने नगर निगम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निगम हर साल जल निकासी पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन हल्की बारिश में ही शहर की स्थिति ‘नारकीय’ हो जाती है। सिंह ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। नागरिकों ने भी शहर के जलजमाव वाले इलाकों में तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालों की नियमित उड़ाही कराने और प्रभावी जल निकासी प्रणाली विकसित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। समस्तीपुर शहर में 29 अगस्त 2026, शनिवार को हुई हल्की वर्षा ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के दर्जनों मोहल्लों में जलजमाव हो गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। विवेक विहार, आजाद नगर, आदर्श नगर, बारह पत्थर और सरोजनी गली जैसे इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई और पैदल चलने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश में ही सड़कों और गलियों में पानी भर जाना नगर निगम की लापरवाही का परिणाम है। कई क्षेत्रों में नालों की सफाई न होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था के अभाव में बारिश का पानी घंटों जमा रहा, जिससे लोगों को घरों से निकलने और दैनिक कार्यों में कठिनाई हुई। सामाजिक कार्यकर्ता और भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने नगर निगम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निगम हर साल जल निकासी पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन हल्की बारिश में ही शहर की स्थिति ‘नारकीय’ हो जाती है। सिंह ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। नागरिकों ने भी शहर के जलजमाव वाले इलाकों में तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालों की नियमित उड़ाही कराने और प्रभावी जल निकासी प्रणाली विकसित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

