खगड़िया, 29 अगस्त। जिले में गैरमजरूआ खास, बकाश्त, परती कदीम और टोपो लैंड सहित विभिन्न श्रेणी की जमीनों को लेकर किसानों और रैयतों की समस्याओं को सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन जमीनों का विशेष सर्वे कराने और वैध भूमि को खरीद-बिक्री की रोक सूची से बाहर करने की मांग की है। सांसद ने अपने पत्र में बताया कि यह समस्या केवल राजस्व अभिलेखों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर जिले के लाखों परिवारों की आजीविका और आर्थिक सुरक्षा पर पड़ रहा है। कई रैयतों के पास वर्षों पुराने जमीन के दस्तावेज, जमाबंदी और लगान भुगतान की रसीदें मौजूद हैं। इसके बावजूद, उनकी भूमि रोक सूची में दर्ज होने के कारण वे अपनी जमीन का वैध रूप से उपयोग या हस्तांतरण नहीं कर पा रहे हैं। राजेश वर्मा ने गरीब, छोटे और मध्यम किसानों की परेशानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कई परिवार बेटी की शादी, बच्चों की पढ़ाई, गंभीर बीमारी के इलाज, कृषि कार्य और कर्ज चुकाने जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए अपनी जमीन पर निर्भर हैं। जमीन के हस्तांतरण पर प्रतिबंध के कारण जरूरत के समय उनकी सबसे बड़ी संपत्ति भी उनके काम नहीं आ पा रही है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। सांसद ने मुख्यमंत्री से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने जिले में विशेष अभियान चलाकर संबंधित भूमि का रैयतवार और दस्तावेजवार जांच कराने, वैध एवं विवादमुक्त भूमि को रोक सूची से बाहर करने और संबंधित रैयतों को नियमित राजस्व रसीद जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस मामले का समाधान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया के तौर पर नहीं, बल्कि मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण से करने पर जोर दिया। दस्तावेजवार एवं रैयतवार निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए जांच में वैध और विवादमुक्त पाए जाने वाले भूमि मामलों को नियमानुसार रोक सूची से बाहर करने तथा संबंधित रैयतों के नाम से नियमित राजस्व रसीद जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। विवादित मामलों का भी हो समयबद्ध समाधान सांसद ने सरकारी भूमि या वास्तविक विवाद से जुड़े मामलों के भी समयबद्ध निपटारे की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट प्रक्रिया और समय-सीमा तय होने से वैध रैयतों को वर्षों तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री से मामले में शीघ्र पहल करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार की पहल से खगड़िया के किसानों और रैयतों को बड़ी राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही भूमि संबंधी परेशानियों का समाधान हो सकेगा। खगड़िया, 29 अगस्त। जिले में गैरमजरूआ खास, बकाश्त, परती कदीम और टोपो लैंड सहित विभिन्न श्रेणी की जमीनों को लेकर किसानों और रैयतों की समस्याओं को सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन जमीनों का विशेष सर्वे कराने और वैध भूमि को खरीद-बिक्री की रोक सूची से बाहर करने की मांग की है। सांसद ने अपने पत्र में बताया कि यह समस्या केवल राजस्व अभिलेखों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर जिले के लाखों परिवारों की आजीविका और आर्थिक सुरक्षा पर पड़ रहा है। कई रैयतों के पास वर्षों पुराने जमीन के दस्तावेज, जमाबंदी और लगान भुगतान की रसीदें मौजूद हैं। इसके बावजूद, उनकी भूमि रोक सूची में दर्ज होने के कारण वे अपनी जमीन का वैध रूप से उपयोग या हस्तांतरण नहीं कर पा रहे हैं। राजेश वर्मा ने गरीब, छोटे और मध्यम किसानों की परेशानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कई परिवार बेटी की शादी, बच्चों की पढ़ाई, गंभीर बीमारी के इलाज, कृषि कार्य और कर्ज चुकाने जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए अपनी जमीन पर निर्भर हैं। जमीन के हस्तांतरण पर प्रतिबंध के कारण जरूरत के समय उनकी सबसे बड़ी संपत्ति भी उनके काम नहीं आ पा रही है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। सांसद ने मुख्यमंत्री से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने जिले में विशेष अभियान चलाकर संबंधित भूमि का रैयतवार और दस्तावेजवार जांच कराने, वैध एवं विवादमुक्त भूमि को रोक सूची से बाहर करने और संबंधित रैयतों को नियमित राजस्व रसीद जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस मामले का समाधान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया के तौर पर नहीं, बल्कि मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण से करने पर जोर दिया। दस्तावेजवार एवं रैयतवार निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए जांच में वैध और विवादमुक्त पाए जाने वाले भूमि मामलों को नियमानुसार रोक सूची से बाहर करने तथा संबंधित रैयतों के नाम से नियमित राजस्व रसीद जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। विवादित मामलों का भी हो समयबद्ध समाधान सांसद ने सरकारी भूमि या वास्तविक विवाद से जुड़े मामलों के भी समयबद्ध निपटारे की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट प्रक्रिया और समय-सीमा तय होने से वैध रैयतों को वर्षों तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री से मामले में शीघ्र पहल करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार की पहल से खगड़िया के किसानों और रैयतों को बड़ी राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही भूमि संबंधी परेशानियों का समाधान हो सकेगा।

