बांका में खुलेगा ABC सेंटर, स्ट्रीट डॉग की होगी नसबंदी:टीकाकरण को प्रक्रिया तेज, 2800 वर्गफीट जमीन चिन्हित

बांका में खुलेगा ABC सेंटर, स्ट्रीट डॉग की होगी नसबंदी:टीकाकरण को प्रक्रिया तेज, 2800 वर्गफीट जमीन चिन्हित

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बांका नगर परिषद ने आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सेंटर के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है और एजेंसी के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चयनित एजेंसी के माध्यम से आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी, टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था की जाएगी। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुमित्रानंदन ने बताया कि एबीसी सेंटर के लिए गोदाम के पीछे करीब 2800 वर्गफीट जमीन चिन्हित की गई है। इसके लिए अंचलाधिकारी से एनओसी भी प्राप्त कर ली गई है। सेंटर के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी को दी जाएगी। एजेंसी को कुत्तों को पकड़ने के लिए कर्मियों के साथ चिकित्सक की व्यवस्था भी करनी होगी। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों को पकड़कर सेंटर लाया जाएगा। नसबंदी और आवश्यक उपचार के बाद उनकी उचित देखभाल की जाएगी। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें निर्धारित स्थान पर छोड़ा जाएगा। इससे शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के साथ ही डॉग बाइट की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में लोग आवारा कुत्तों से परेशान शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग आवारा कुत्तों से परेशान हैं। शहर के कई गली-मोहल्लों में शाम ढलने के बाद लोगों को अकेले आने-जाने में डर लगता है। सदर अस्पताल में भी हर महीने डॉग बाइट के दर्जनों मामले पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई जगह आवारा कुत्तों के झुंड से लोग परेशान हैं। शहर के व्यवसायी रितेश कुमार ने बताया कि करहरिया सहित लगभग सभी मोहल्लों में आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एबीसी सेंटर शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बांका नगर परिषद ने आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सेंटर के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है और एजेंसी के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चयनित एजेंसी के माध्यम से आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी, टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था की जाएगी। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुमित्रानंदन ने बताया कि एबीसी सेंटर के लिए गोदाम के पीछे करीब 2800 वर्गफीट जमीन चिन्हित की गई है। इसके लिए अंचलाधिकारी से एनओसी भी प्राप्त कर ली गई है। सेंटर के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी को दी जाएगी। एजेंसी को कुत्तों को पकड़ने के लिए कर्मियों के साथ चिकित्सक की व्यवस्था भी करनी होगी। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों को पकड़कर सेंटर लाया जाएगा। नसबंदी और आवश्यक उपचार के बाद उनकी उचित देखभाल की जाएगी। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें निर्धारित स्थान पर छोड़ा जाएगा। इससे शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के साथ ही डॉग बाइट की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में लोग आवारा कुत्तों से परेशान शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग आवारा कुत्तों से परेशान हैं। शहर के कई गली-मोहल्लों में शाम ढलने के बाद लोगों को अकेले आने-जाने में डर लगता है। सदर अस्पताल में भी हर महीने डॉग बाइट के दर्जनों मामले पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई जगह आवारा कुत्तों के झुंड से लोग परेशान हैं। शहर के व्यवसायी रितेश कुमार ने बताया कि करहरिया सहित लगभग सभी मोहल्लों में आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एबीसी सेंटर शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।  

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