Lymphatic Disease Symptoms: शरीर के किसी हिस्से में लंबे समय से सूजन बनी हुई है या बार बार सूजन हो रही है तो इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार इसकी वजह लिम्फैटिक सिस्टम में आई परेशानी हो सकती है। आइए जानते हैं लिम्फैटिक सिस्टम में दिक्कत क्यों होती है और इसके कौन कौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
लिम्फैटिक सिस्टम क्या होता है
लिम्फैटिक सिस्टम शरीर में जमा अतिरिक्त फ्लूइड को बाहर निकालने और उसे वापस ब्लड सर्कुलेशन तक पहुंचाने में मदद करता है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, लिम्फैटिक सिस्टम शरीर में फ्लूइड का बैलेंस बनाए रखने के साथ इम्यून सिस्टम को भी सपोर्ट करता है। लिम्फ नोड्स शरीर में आने वाले बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे हानिकारक तत्वों को पहचानने में मदद करते हैं।
लिम्फैटिक सिस्टम में परेशानी से क्यों होती है सूजन
लिम्फैटिक सिस्टम का काम शरीर में जमा अतिरिक्त फ्लूइड को आगे पहुंचाना है। अगर इस सिस्टम में किसी वजह से रुकावट आ जाए या लिम्फ वेसल्स और लिम्फ नोड्स को नुकसान पहुंच जाए तो फ्लूइड सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता। ऐसे में यह शरीर के टिश्यू में जमा होने लगता है और सूजन दिखाई दे सकती है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, लिम्फैटिक सिस्टम से जुड़ी इस तरह की सूजन को लिंफेडेमा कहा जाता है। यह समस्या हाथ या पैर में ज्यादा दिखाई दे सकती है, लेकिन शरीर के दूसरे हिस्सों में भी हो सकती है।
शरीर में सूजन के साथ कौन से लक्षण दिख सकते हैं
लिंफेडेमा का सबसे आम लक्षण शरीर के किसी हिस्से में सूजन होना है। यह सूजन हाथ, पैर, उंगलियों या पैर की उंगलियों में दिखाई दे सकती है। इसके साथ प्रभावित हिस्से में भारीपन, खिंचाव या जकड़न महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को हाथ या पैर को हिलाने में परेशानी हो सकती है। समय के साथ प्रभावित हिस्से की त्वचा मोटी या सख्त भी हो सकती है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, लिंफेडेमा होने पर त्वचा में इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है।
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
अगर शरीर के किसी हिस्से में बिना किसी साफ वजह के सूजन बनी हुई है या यह लंबे समय तक ठीक नहीं हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

