बैतूल में 19 में एक भी बांध 50% नहीं भरा:सांपना 40.08%; चौकी कोलगांव में सिर्फ 6.61% पानी; बारिश की कमी से जलस्तर चिंताजनक

बैतूल में 19 में एक भी बांध 50% नहीं भरा:सांपना 40.08%; चौकी कोलगांव में सिर्फ 6.61% पानी; बारिश की कमी से जलस्तर चिंताजनक

बैतूल जिले में इस वर्ष कम बारिश के कारण बांधों का जलस्तर चिंताजनक स्थिति में है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल डिवीजन के 19 बांधों में से कोई भी 50 प्रतिशत तक नहीं भरा है। सबसे बड़ी सांपना मध्यम परियोजना भी केवल 40.08 प्रतिशत भरी है, जबकि शेष 18 छोटे बांधों में से अधिकांश में जलभराव 30 प्रतिशत से भी कम है। जिले में आज (शनिवार) सुबह तक कुल औसत बारिश 598.2 मिमी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 749.8 मिमी बारिश हुई थी, जो इस साल की तुलना में 151.6 मिमी अधिक थी। बारिश की इस कमी का सीधा असर बांधों में पानी के स्तर पर दिख रहा है। बैतूल डिवीजन की रिपोर्ट के अनुसार, सांपना बांध में 5.74 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) लाइव पानी है, जो इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता का 40.08 प्रतिशत है। इसके बाद कोलगांव बांध 37.27 प्रतिशत, झाड़ेगांव 32.70 प्रतिशत और कोसमी 29.93 प्रतिशत भरे हुए हैं। नागझिरी में 27.16 प्रतिशत और चोरनी-मोरनी में 25.24 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। कोलगांव बांध में केवल 6.61 प्रतिशत पानी बचा
अन्य बांधों में जलभराव का स्तर और भी कम है। बोरगांव 23.72 प्रतिशत, झगड़िया 22.94 प्रतिशत और गौलिबर्गी 20.70 प्रतिशत भरे हैं। सरनदाई गोराखार में 17.30 प्रतिशत, अपर जौरा में 17.03 प्रतिशत, रावनवाड़ी में 16.69 प्रतिशत, गोंडीगौला में 15.12 प्रतिशत और उरदन में 14.96 प्रतिशत पानी शेष है। सबसे कम जलभराव चौकी कोलगांव बांध में है, जहां केवल 6.61 प्रतिशत पानी बचा है। जगधर में 8.40 प्रतिशत, खंडारा में 10.60 प्रतिशत, लाखापुर में 10.13 प्रतिशत और सेहरा में 13.74 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। हालांकि, भैंसदेही और शाहपुर क्षेत्रों की रिपोर्ट में कुछ बांध 100 प्रतिशत भरकर अपनी पूर्ण जलस्तर क्षमता (FTL) तक पहुंच चुके हैं। शाहपुर में देऊपुर और पाताखेड़ा, तथा भैंसदेही में कोलगांव और पाताखेड़ा बांध पूरी तरह भरे हुए हैं। इसके विपरीत, बैतूल डिवीजन के बांधों में ऐसी स्थिति नहीं है, जहां सांपना बांध भी केवल 40.08 प्रतिशत पर है। एक भी बांध आधे से ज्यादा नहीं भरा
जिले में बारिश की स्थिति भी क्षेत्रवार भिन्न है। चिचोली में 807 मिमी और घोड़ाडोंगरी में 780.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि जिले का कुल औसत 598.2 मिमी है। यानी इस बार बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर बैतूल डिवीजन के बांधों में दिख रहा है- एक भी बांध आधे से ज्यादा नहीं भरा और कई बांधों में 10% से भी कम पानी है। यह दर्शाता है कि कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश के बावजूद, पूरे जिले के बांधों में जलस्तर की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

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