सिवनी जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही, जिससे जिले के सभी आठ विकासखंडों और मुख्यालय में झमाझम वर्षा दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में शुक्रवार को रुक-रुककर बारिश हुई, जबकि शनिवार सुबह से दोपहर तक तेज वर्षा का दौर चला। लगातार बारिश से पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, वर्षा के कारण दैनिक कामकाज के लिए बाहर निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राखी पर्व के दौरान भी बाजारों और प्रमुख मार्गों पर लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी। वर्षा के कारण जिले की प्रमुख नदियों, नालों, तालाबों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। नदी-नालों में तेज बहाव की स्थिति में किनारों पर जाने, पुल-पुलिया पार करने या पानी के बीच से वाहन निकालने से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी पुल या पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा हो तो उसे पार करने का प्रयास न करें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र ने 29 अगस्त को पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। इसके अतिरिक्त, 30 और 31 अगस्त को भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहने की चेतावनी दी गई है। इस बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है। धान, मक्का और सोयाबीन सहित खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अत्यधिक वर्षा से खेतों में जलभराव होने पर फसलों को नुकसान भी हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। प्रशासन ने बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को खुले मैदानों, खेतों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की भी सलाह दी है।

