गयाजी जिले के गुरुआ प्रखंड के मटुआ गांव में भारी बारिश के दौरान बीती रात एक खपरैल मकान ढह गया। रात करीब 12 बजे हुई इस घटना में मकान के अंदर सो रहे वृद्ध किशुन मांझी मलबे में दब गए। रात होने के कारण घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं मिल पाई। वृद्ध लगभग छह घंटे तक मलबे में दबे रहे। सुबह ग्रामीणों ने मकान को ढहा हुआ देखा, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाना शुरू किया। काफी प्रयास के बाद किशुन मांझी को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। छह घंटे तक दबे रहने के बावजूद उनकी सांसें चल रही थीं। ग्रामीणों ने तत्काल वृद्ध को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। मटुआ गांव में लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना से ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीण निरंजन कुमार ने बताया कि यदि सुबह समय पर मलबा हटाकर वृद्ध को बाहर नहीं निकाला जाता, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। गयाजी जिले के गुरुआ प्रखंड के मटुआ गांव में भारी बारिश के दौरान बीती रात एक खपरैल मकान ढह गया। रात करीब 12 बजे हुई इस घटना में मकान के अंदर सो रहे वृद्ध किशुन मांझी मलबे में दब गए। रात होने के कारण घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं मिल पाई। वृद्ध लगभग छह घंटे तक मलबे में दबे रहे। सुबह ग्रामीणों ने मकान को ढहा हुआ देखा, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाना शुरू किया। काफी प्रयास के बाद किशुन मांझी को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। छह घंटे तक दबे रहने के बावजूद उनकी सांसें चल रही थीं। ग्रामीणों ने तत्काल वृद्ध को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। मटुआ गांव में लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना से ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीण निरंजन कुमार ने बताया कि यदि सुबह समय पर मलबा हटाकर वृद्ध को बाहर नहीं निकाला जाता, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

