शेखपुरा में शुक्रवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएम कार्यालय कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। कार्यक्रम के दौरान 200 केवी ट्रांसफार्मर लगाने, भाई-भाई में जमीन का बंटवारा, जबरन जमीन पर कब्जा, जमीन का परिमार्जन, जीएनएम स्कूल में धीरज ठाकुर को गार्ड पद पर पुनः बहाल करने, जमाबंदी में सुधार, सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने और शस्त्र लाइसेंस के निलंबन मुक्ति जैसे मामले प्राप्त हुए। रूधा देवी नामक एक फरियादी ने बताया कि उनके हिस्से की जमीन उनके भैसुर ने बेच दी है। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी को स्वयं अपने पास बुलाकर उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। आवेदनों की गंभीरता को देखते हुए, डीएम ने मौके पर ही संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निष्पक्ष जांच करने और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। जनसुनवाई के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि किसी भी परिवादी को अपने काम के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। इस अवसर पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह जिला जनता दरबार प्रभारी पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य वरीय पदाधिकारी और संबंधित कर्मी मौजूद रहे। शेखपुरा में शुक्रवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएम कार्यालय कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। कार्यक्रम के दौरान 200 केवी ट्रांसफार्मर लगाने, भाई-भाई में जमीन का बंटवारा, जबरन जमीन पर कब्जा, जमीन का परिमार्जन, जीएनएम स्कूल में धीरज ठाकुर को गार्ड पद पर पुनः बहाल करने, जमाबंदी में सुधार, सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने और शस्त्र लाइसेंस के निलंबन मुक्ति जैसे मामले प्राप्त हुए। रूधा देवी नामक एक फरियादी ने बताया कि उनके हिस्से की जमीन उनके भैसुर ने बेच दी है। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी को स्वयं अपने पास बुलाकर उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। आवेदनों की गंभीरता को देखते हुए, डीएम ने मौके पर ही संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निष्पक्ष जांच करने और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। जनसुनवाई के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि किसी भी परिवादी को अपने काम के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। इस अवसर पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह जिला जनता दरबार प्रभारी पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य वरीय पदाधिकारी और संबंधित कर्मी मौजूद रहे।

