नालंदा में महिला सुरक्षा व्यवस्था के लिए ‘पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड)’ का गठन किया गया है। स्पेशल विंग का मुख्य मकसद सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की छेड़खानी, फब्तियां कसने और अपराध की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाना है। एसपी हृदय कांत ने बताया कि इस विशेष अभियान को धरातल पर प्रभावी रूप से उतारने के लिए नालंदा पुलिस बेड़े में 20 नए स्कूटर और 15 बजाज एवेंजर बाइक शामिल किए गए हैं। इन वाहनों पर विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जिले के पूर्व आपराधिक आंकड़ों के आधार पर चिह्नित किए गए संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले हॉटस्पॉट्स पर यह ब्रिगेड लगातार सक्रिय रहेगी। किसी भी आपात स्थिति, छेड़खानी, अभद्रता या छिनतई की सूचना मिलते ही यह टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करेगी। कोचिंग सेंटरों पर पैनी नजर
एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ‘पुलिस दीदी’ की टीम का मुख्य फोकस प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के आसपास रहेगा। स्कूल, महिला कॉलेज, कोचिंग सेंटर, पार्क और बाजारों के पास सुबह और शाम के समय सघन पेट्रोलिंग की जाएगी। छुट्टी और क्लास शुरू होने के समय इन रास्तों पर बेवजह मंडराने वाले असामाजिक तत्वों और मनचलों की सघन जांच होगी। संदिग्ध पाए जाने पर उनसे कड़ी पूछताछ की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर निरोधात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डायल 112 से समन्वय और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति विशेष दस्ता स्थानीय थानों के साथ-साथ डायल-112 की आपातकालीन सेवा से सीधा समन्वय बनाकर काम करेगा। पेट्रोलिंग के दौरान महिला पुलिसकर्मी छात्राओं और महिलाओं से संवाद कर उनका विश्वास जीतेंगी ताकि वे बिना किसी डर या संकोच के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जिले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू रहेगी और किसी भी शिकायत पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। नालंदा में महिला सुरक्षा व्यवस्था के लिए ‘पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड)’ का गठन किया गया है। स्पेशल विंग का मुख्य मकसद सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की छेड़खानी, फब्तियां कसने और अपराध की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाना है। एसपी हृदय कांत ने बताया कि इस विशेष अभियान को धरातल पर प्रभावी रूप से उतारने के लिए नालंदा पुलिस बेड़े में 20 नए स्कूटर और 15 बजाज एवेंजर बाइक शामिल किए गए हैं। इन वाहनों पर विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जिले के पूर्व आपराधिक आंकड़ों के आधार पर चिह्नित किए गए संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले हॉटस्पॉट्स पर यह ब्रिगेड लगातार सक्रिय रहेगी। किसी भी आपात स्थिति, छेड़खानी, अभद्रता या छिनतई की सूचना मिलते ही यह टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करेगी। कोचिंग सेंटरों पर पैनी नजर
एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ‘पुलिस दीदी’ की टीम का मुख्य फोकस प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के आसपास रहेगा। स्कूल, महिला कॉलेज, कोचिंग सेंटर, पार्क और बाजारों के पास सुबह और शाम के समय सघन पेट्रोलिंग की जाएगी। छुट्टी और क्लास शुरू होने के समय इन रास्तों पर बेवजह मंडराने वाले असामाजिक तत्वों और मनचलों की सघन जांच होगी। संदिग्ध पाए जाने पर उनसे कड़ी पूछताछ की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर निरोधात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डायल 112 से समन्वय और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति विशेष दस्ता स्थानीय थानों के साथ-साथ डायल-112 की आपातकालीन सेवा से सीधा समन्वय बनाकर काम करेगा। पेट्रोलिंग के दौरान महिला पुलिसकर्मी छात्राओं और महिलाओं से संवाद कर उनका विश्वास जीतेंगी ताकि वे बिना किसी डर या संकोच के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जिले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू रहेगी और किसी भी शिकायत पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

