ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यहां ग्रैंड फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को हराया। प्रज्ञाननंदा ने गुरुवार को दिन की शुरुआत में कारुआना से छह अंक से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की।भारतीय खिलाड़ी ने आखिर में कारुआना को 15-13 से हराकर अपना पहला जीसीटी खिताब जीता और पुरस्कार राशि के रूप में 200,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग एक करोड़, 91 लख रुपए) अपने नाम किए। इस तरह से प्रज्ञाननंदा, कारुआना और एक अन्य अमेरिकी वेस्ली सो ने अगले साल होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर में जगह पक्की कर दी। वेस्ली ने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को 18-12 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।प्रज्ञाननंदा ने जीत के बाद कहा, ‘‘सच कहूं तो, मुझे नहीं लगता था कि आज मेरे पास जीतने के ज्यादा मौके हैं। ऐसा हर दिन नहीं होता। आप फैबी (कारुआना) से एक गेम जीत सकते हैं लेकिन रैपिड राउंड में दो गेम जीतना महत्वपूर्ण था।’’
पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद से प्रशिक्षण लेने वाला चेन्नई का यह 21 वर्ष का खिलाड़ी दिन की शुरुआत में छह अंक से पीछे था लेकिन उन्होंने इसके बाद शानदार वापसी की तथा दोनों रैपिड गेम (प्रति गेम विजेता को चार अंक) जीतकर दो अंकों की बढ़त बना ली।इसके बाद खेले गए चार ब्लिट्ज मैचों में मुकाबला बराबरी का रहा, जिसमें प्रज्ञाननंदा और कारुआना ने एक-एक मैच जीता जबकि शेष दो मैच ड्रॉ रहे। इस तरह से रैपिड राउंड के आखिर में मिली दो अंकों की बढ़त भारतीय ग्रैंडमास्टर के लिए निर्णायक साबित हुई। ब्लिट्ज सेक्शन का पहला गेम ड्रॉ रहा, जिसके बाद कारुआना ने दूसरा गेम जीतकर स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया।प्रज्ञाननंदा ने हालांकि तीसरा गेम जीत कर फिर से दो अंक की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अगला गेम ड्रॉ करके खिताब अपने नाम कर दिया। ग्रैंड शतरंज टूर ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘प्रज्ञाननंदा को पहली बार ग्रैंड शतरंज टूर का खिताब जीतने पर हार्दिक बधाई।एक रोमांचक फाइनल मैच में फैबियानो कारुआना को हराकर प्रज्ञाननंदा ने एक अविश्वसनीय सीजन का समापन किया और अपने करियर में पहली बार जीसीटी का खिताब अपने नाम किया।’’
उसने कहा, ‘‘क्या शानदार वापसी थी। क्या जबरदस्त मुकाबला था। चैंपियन बनने का इससे शानदार तरीका और नहीं हो सकता।’’
प्रज्ञाननंदा इस साल की शुरुआत में नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।इस दौरान उन्होंने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया था।
ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यहां ग्रैंड फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को हराया। प्रज्ञाननंदा ने गुरुवार को दिन की शुरुआत में कारुआना से छह अंक से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की।
भारतीय खिलाड़ी ने आखिर में कारुआना को 15-13 से हराकर अपना पहला जीसीटी खिताब जीता और पुरस्कार राशि के रूप में 200,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग एक करोड़, 91 लख रुपए) अपने नाम किए। इस तरह से प्रज्ञाननंदा, कारुआना और एक अन्य अमेरिकी वेस्ली सो ने अगले साल होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर में जगह पक्की कर दी। वेस्ली ने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को 18-12 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।
प्रज्ञाननंदा ने जीत के बाद कहा, ‘‘सच कहूं तो, मुझे नहीं लगता था कि आज मेरे पास जीतने के ज्यादा मौके हैं। ऐसा हर दिन नहीं होता। आप फैबी (कारुआना) से एक गेम जीत सकते हैं लेकिन रैपिड राउंड में दो गेम जीतना महत्वपूर्ण था।’’
पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद से प्रशिक्षण लेने वाला चेन्नई का यह 21 वर्ष का खिलाड़ी दिन की शुरुआत में छह अंक से पीछे था लेकिन उन्होंने इसके बाद शानदार वापसी की तथा दोनों रैपिड गेम (प्रति गेम विजेता को चार अंक) जीतकर दो अंकों की बढ़त बना ली।
इसके बाद खेले गए चार ब्लिट्ज मैचों में मुकाबला बराबरी का रहा, जिसमें प्रज्ञाननंदा और कारुआना ने एक-एक मैच जीता जबकि शेष दो मैच ड्रॉ रहे। इस तरह से रैपिड राउंड के आखिर में मिली दो अंकों की बढ़त भारतीय ग्रैंडमास्टर के लिए निर्णायक साबित हुई। ब्लिट्ज सेक्शन का पहला गेम ड्रॉ रहा, जिसके बाद कारुआना ने दूसरा गेम जीतकर स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया।
प्रज्ञाननंदा ने हालांकि तीसरा गेम जीत कर फिर से दो अंक की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अगला गेम ड्रॉ करके खिताब अपने नाम कर दिया। ग्रैंड शतरंज टूर ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘प्रज्ञाननंदा को पहली बार ग्रैंड शतरंज टूर का खिताब जीतने पर हार्दिक बधाई।
एक रोमांचक फाइनल मैच में फैबियानो कारुआना को हराकर प्रज्ञाननंदा ने एक अविश्वसनीय सीजन का समापन किया और अपने करियर में पहली बार जीसीटी का खिताब अपने नाम किया।’’
उसने कहा, ‘‘क्या शानदार वापसी थी। क्या जबरदस्त मुकाबला था। चैंपियन बनने का इससे शानदार तरीका और नहीं हो सकता।’’
प्रज्ञाननंदा इस साल की शुरुआत में नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
इस दौरान उन्होंने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया था।
Hindi News – News in Hindi – Latest News in Hindi | Prabhasakshi

