बांदा के बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की मौत और एक के बीमार पड़ने के मामले में 11 दिन बाद भी जांच किसी निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। घटना के तीन दिन बाद विद्यालय प्रबंधक ओम प्रकाश कुशवाहा और उनके बेटे सोनू के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। मुकदमा दर्ज हुए आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन दोनों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस प्रबंधक को फरार बता रही है। मामले के विवेचक उपनिरीक्षक विपिन यादव के अनुसार, मृतक छात्रों के परिजनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस टीम ने विद्यालय पहुंचकर रसोइया बेबी यादव और प्रबंधन के बेटे सोनू से भी पूछताछ की है। पुलिस के मुताबिक, विद्यालय प्रबंधक ओम प्रकाश कुशवाहा का बयान अभी तक दर्ज नहीं हो सका है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। 17 अगस्त को बिगड़ी थी दो छात्रों की तबीयत घटना 17 अगस्त की है। 12 वर्षीय नितिन कुमार और 9 वर्षीय अरुण कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। इसी दौरान तीसरा छात्र योगेश भी बीमार पड़ा था। उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर हो गई थी। दो छात्रों की मौत के बाद विद्यालय में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। 6 खाद्य नमूने लिए, 11 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं आई घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विद्यालय की रसोई से छह नमूने लिए थे। इनमें तैयार रोटी, पका चावल, सब्जी, बिना बनी मूंग की दाल, रिफाइंड और आटा शामिल हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए भेजा गया था। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही भोजन की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 20 अगस्त को दर्ज हुई थी एफआईआर घटना के तीन दिन बाद 20 अगस्त को विद्यालय प्रबंधक ओम प्रकाश कुशवाहा और उनके बेटे सोनू के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। एफआईआर दर्ज होने के आठ दिन बाद भी दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार बताए जा रहे विद्यालय प्रबंधक की तलाश की जा रही है। खाद्य नमूनों की रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

